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Rajasthan News: क्या भजनलाल शर्मा को धरने-प्रदर्शन से लगता है डर, अनुमति नहीं देने से सरकार पर बरसे गहलोत

Mon, 08 Jul 2024 03:05 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए और सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर दिलाने के लिए युवाओं द्वारा कई मुद्दों पर प्रदर्शन किया जा रहा है, जिनमें बेरोजगारी भत्ता, रोजगार, राजीव गांधी युवा मित्र बहाली, भर्तियों की घोषणा आदि मांगें प्रमुख हैं। 
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई सरकार के गठन के बाद हुए फैसलों को लेकर युवाओं के अलग-अलग संगठन जनवरी से प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन लोकसभा चुनाव की अचार संहिता लगने के कारण सभी 

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प्रकार के धरने और प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई थी। अब चुनाव संपन्न होने के साथ ही एक बार फिर से ये सभी संगठन आंदोलन की राह पकड़ना चाहते हैं परंतु इन्हें सरकार और प्रशासन द्वारा धरने की अनुमति नहीं मिल रही है।

राजीव गांधी युवा मित्र संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष संजय मीणा ने बताया कि उनके द्वारा दो बार प्रशासन को धरना देने की अनुमति के लिए पत्र दिया गया परंतु दोनों बार बिना किसी कारण बताए उनकी अनुमति को निरस्त कर दिया गया। बार-बार पूछने पर यह बताया गया कि ऊपर से यह आदेश हैं कि किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जाए।
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राजस्थान सरकार के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम को जब अमर उजाला ने इस मामले में प्रतिक्रिया जानने के लिए फोन किया तो उनके फोन पर उनके सहयोगी ने बताया कि साहब मीटिंग में जोधपुर हैं इसलिए अभी बात नहीं हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X पर लिखा है कि कई युवाओं एवं एक्टिविस्टों ने मेरे कार्यालय में आकर एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि वो बेरोजगारी भत्ता, रोजगार, राजीव गांधी युवा मित्र बहाली, भर्तियों की घोषणा जैसे मुद्दों पर जयपुर में धरना प्रदर्शन करना चाहते हैं परन्तु प्रशासन उन्हें सरकार के दबाव में अनुमति नहीं दे रहा है। धरना प्रदर्शन के लिए आरक्षित शहीद स्मारक से भी उन्हें बार-बार बलप्रयोग करके भगा दिया जाता है,यह उचित नहीं है।

लोकतंत्र में अपने हक के लिए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जनता का अधिकार है। उनकी बात सुनना सरकार का कर्तव्य है। मैं सरकार एवं पुलिस प्रशासन से आग्रह करता हूं कि इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली ना अपनाएं एवं जनता को उनका लोकतांत्रिक हक प्रयोग करने दें।

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