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International Domestic Workers Day: जयपुर में जुटीं घरेलू कामगार महिलाएं, सरकार से की वादा पूरा करने की मांग  

Thu, 16 Jun 2022 09:17 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में करीब 3 लाख घरेलू कामगार महिलाएं हैं। यह सभी दूसरों के घरों में झाडू-पोछा, खाना और साफ-सफाई सहित अन्य काम करती हैं। सरकार में आने से पहले कांग्रेस ने इन महिलाओं से कई वादे किए थे, लेकिन वह आज तक पूरे नहीं किए गए। 
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जयुपर में जुटीं घरेलू कामगार महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने जन घोषणा पत्र में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मजदूर कल्याण बोर्ड का गठन करने का एलान किया था। सरकार बनने के करीब साढे तीन साल बाद भी राजस्थान में इस बोर्ड का गठन नहीं किया है। घरेलू कामगार महिलाओं की ओर से बोर्ड गठन की मांग लगातार की जा रही थी, लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। 

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गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस पर जयपुर में सैंकड़ों घरेलू कामगार महिलाएं एकत्रित हुई और मांग को लेकर विरोध जताया। राजस्थान महिला कामगार यूनियन की ओर से भारत स्काउट गाइड मैदान में सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान घरेलू कामगार महिलाओं ने समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्षा अर्चना शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। इससे पहले महिला कामगारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने श्रम विभाग में जाकर श्रम आयुक्त को भी ज्ञापन दिया। 

राजस्थान महिला कामगार यूनियन की सचिव मेवा भारती ने कहा, घरेलू कामगार महिलाओं के काम को राज्य सरकार श्रमिक का दर्जा दें, ताकि यह महिलाएं गरिमापूर्ण तरीके से जीवन यापन कर सकें। उन्होंने कहा कि इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर एक अभियान भी चलाया गया। 10 मई को इस अभियान की शुरुआत राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली से की गई थी। आज अंतरराष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस पर राज्यों के श्रम मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को मांगों को लेकर पोस्टकार्ड लिखकर भेजे गए हैं। जयपुर की घरेलू कामगार महिलाओं की ओर से पांच हजार पोस्टकार्ड सरकार को भेजे गए हैं।
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सम्मेलन में पार्वती नगर से आई सरस्वती ने कहा, सरकार हमारे लिए कानून बनाए। हम भी मजदूरों की तरह दूसरों के घर में काम करके गुजारा करते हैं। जिस तरह निर्माण श्रमिकों को हर योजनाओं का लाभ मिलता है, उसी तरह हमें भी मिलना चाहिए। बता दें कि राजस्थान में करीब 3 लाख घरेलू कामगार महिलाएं हैं। यह सभी दूसरों के घरों में झाडू-पोछा, खाना और साफ-सफाई सहित अन्य काम करती हैं।  

यह हैं प्रमुख मांगें  

  • घरेलू कामगारों का श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन हो।
  • श्रमिक होने का पहचान पत्र मिले। 
  • घरेलू कामगारों का समग्र कानून (बोर्ड) बने। 
  • सामजिक सुरक्षा मिले। 
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