भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया पर हुए हमले को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। प्रदेश भर भाजपा कार्यकर्ता सरकार का विरोध कर सीएम का पुतला भी फूंक रहे हैं। हमले को लेकर पूनिया ने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, कांग्रेस के गुंडों से डरने वाला नहीं हूं। उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस सरकार के शासन में बहन, बेटियां और आम आदमी कोई भी सुरक्षित नहीं है। सरकार के संरक्षण में कांग्रेस के गुंडों ने बूंदी में मुझ पर और मेरे साथियों की गाड़ियों पर हमला किया, आज तक में ऐसा होते नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि रीट पेपर लीक, भर्तियों में धांधली, किसान कर्ज माफी, अलवर मूक बधिर रेप केस, महिला सुरक्षा और बिगड़ी कानून व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों पर सरकार भाजपा के आंदोलनों से घिर चुकी है। भाजपा इन मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से सरकार का मुकाबला कर रही है और आगे भी करेगी। राजस्थान भाजपा के सवा सौ करोड़ कार्यकर्ता और राज्य की सात करोड़ जनता हमारे साथ है। 2023 में प्रदेश की जनता कांग्रेस को सत्ता से विदा कर देगी।
सरकार दोषियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे
सतीश पूनिया हुए हमले को लेकर राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष की कार पर पथराव करना और सरेआम की जा रही गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह उचित नहीं कि किसी की आवाज को दबाया जा सके। सरकार दोषियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे।
जानिए क्यों गरमाई है राज्य की सियासत
अलवर में मुकबधिर से हुए दुष्कर्म और रीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है। इसके लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। हाल ही में दोनों मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर जयपुर में हुए विरोध प्रदर्शन में भाजपा और युवा मोर्चा के नेता और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद भाजपा ने विरोध का दूसरा तरीका अपनाया और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के घर की दीवार पर नाथी का बाड़ा लिख दिया था। बाद में राज्य मंत्री सतीश गर्ग के घर के आसपास रीट के पेपर उचित रेट में मौजूद हैं जैसे स्लोगन लिखे पोस्टर लगा दिए थे। इन दोनों ही मामलों को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी।
बयान के बाद और भड़क गए कांग्रेसी
पूर्व महाराव स्वर्गीय बृजराज सिंह जी के निधन पर शोक व्यक्त करने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया कोटा गए थे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस की तुलना जूते से कर दी। पोस्टर वार और इस बयान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नाराजगी और बढ़ गई। रविवार शाम कोटा से जयपुर जाते समय सतीश पूनिया के काफिले को टोंक के तालेड़ा इलाके में आने वाले बल्लोप गांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और जमकर नारेबाजी। इस दौरान पूनिया का काफिला 10 मिनट तक नेशलन हाईवे पर रुका रहा। भाजपा ने इसे पूनिया पर हमला बताते हुए सीएम के इस्तीफे की मांग कर विरोध शुरू कर दिया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
हमले की जानकारी लगते ही बूंदी विधायक अशोक डोगरा के साथ कार्यकर्ता और पदाधिकारी एसपी जय यादव के निवास पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने एसपी के घर के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। पूनिया पर हुए हमले को लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर और प्रदेश के प्रवक्ता रामलाल शर्मा सहित अन्य भाजपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है।