हिजाब विवाद को लेकर ओवैसी ने कहा, हिजाब मुसलमानों के लिए एक आवश्यक धार्मिक प्रथा है और यह हमारा अधिकार है। अगर सरकारी स्कूल अन्य धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दे रहे हैं, तो यहां ऐसा क्यों नहीं है। हिजाब महिलाओं का अधिकार है।
राजस्थान में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत गर्माने लगी है। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी इस विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेंगे।
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इसके लेकर वह बुधवार को जयपुर पहुंचे। इस दौरान मीडियो से बात करते हुए ओवैसी ने कहा हिजाब विवाद और ज्ञानवापी पर हाल ही में आए फैसले को सख्त टिप्पणी की। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, यह फैसला गलत है और पूजा स्थल अधिनियम 1991 के खिलाफ है। यह आगे और मामलों को भी खोलेगा और अस्थिर प्रभाव पैदा कर सकता है।
इधर, हिजाब विवाद को लेकर ओवैसी ने कहा, हिजाब मुसलमानों के लिए एक आवश्यक धार्मिक प्रथा है और यह हमारा अधिकार है। अगर सरकारी स्कूल अन्य धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दे रहे हैं, तो यहां ऐसा क्यों नहीं है। हिजाब महिलाओं का अधिकार है। मुस्लिम महिलाएं दिमाग पर नहीं सिर पर हिजाब पहनती हैं।
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बता दें कि ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन के मामले पर हाल ही में जिला जज अदालत ने बड़ा फैसला दिया था। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका रद्द करने की अपील को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मामला सुनने योग्य है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देगा।
असदुद्दीन ओवैसी पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग राज्यों में एआईएमआईएम के लिए सियासी जमीन तलाश रहे हैं। अब तक उनकी नजर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों पर थी, लेकिन उनकी राजस्थान में भी चुनावी मैदान में उतर सकती है। ओवैसी प्रदेश के जयपुर और सीकर जिले में आज से 13 जगह सभाएं करेंगे। प्रदेश में 15 जिलों की 36 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिमों का प्रभाव है। इन सीटों पर ओवैसी अपनी पार्टी से प्रत्याशी उतार सकते हैं।