राजस्थान के अलवर जिले में मारपीट की घटना में जान गंवाने वाले दलित युवक के पिता ने गुरुवार को कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि वो बेटे की मौत के मामले में पुलिस की निष्क्रियता से परेशान था। दूसरी ओर विपक्षी भाजपा ने इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है और मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है।
चौपानकी पुलिस थाने के प्रभारी विजय कुमार चंदेल ने बताया कि रतिराम जाटव ने गुरुवार को कुछ जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और उनके शव को अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है।
चंदेल ने बताया कि गांव वालों के अनुसार रतिराम दृष्टिहीन था। रतिराम के परिवार वालों ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया। उन्होंने और समाज के अन्य लोगों ने प्रभावित परिवार को मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर टपूकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धरना प्रदर्शन किया।
अलवर के जिला पुलिस अधीक्षक अनिल परिस देशमुख ने बताया कि आंदोलनकारी एक करोड़ रुपये मुआवजा व पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन के आला अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बात की। वहीं युवक की मौत के मामले में उन्होंने कहा कि युवक की मौत के बाद इस मामले में हत्या से संबंध में धारा 302 जोड़ी गई थी और मामले में जांच चल रही है।