ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि केंद्र सरकार के आम बजट ने देश और राजस्थान को निराश किया है। बजट में प्रदेश की भौगोलिक, आर्थिक और कोरोना की परिस्थितियों को देखते हुए विशेष दर्जा देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बजट में सिर्फ पांच चुनाव वाले राज्यों को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार ने आम नागरिक, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और कर्मचारियों का ख्याल नहीं रखकर सभी वर्गों के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री और पीएम मोदी ने बजट में वेतनभोगी और मध्यम वर्ग के लिए भी कोई राहत नहीं दी है।
मेडिकल क्षेत्र में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई: चिकित्सा मंत्री मीणा
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि बजट के नाम पर राज्य सरकार की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। मेडिकल क्षेत्र में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई, प्रदेश की प्रगति के लिए भी कोई रोडमैप नहीं बताया गया है। राज्यों में चुनाव को देखते हुए सरकार ने कुछ लोकलुभावन घोषणाएं की हैं, लेकिन सरकार भूल गई कि आज का मतदाता ज्यादा जागरूक और समझदार है। वह ऐसे प्रलोभन में आने वाला नहीं है।
बजट में रोजगार का कोई रोडमैप नहीं: विधायक लोढा
विधायक संयम लोढा ने बजट को सरकार का एक और जुमला बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने हर वर्ग को निराश किया है। गत वर्ष की तुलना में फूड सब्सिडी पर 0.80 लाख करोड़ की कटौती और खाद्य सब्सिडी में 0.35 लाख की कटौती की गई है। इसी तरह मनरेगा का बजट 25 हजार करोड़ रुपए घटा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि पिंडवाड़ा से बागरा रेल लाइन का कार्य स्वीकृत होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिंडवाड़ा से उदयपुर रेल लाइन कार्य को भी मंजूरी नहीं मिली है। सिरोही को न तो केंद्रीय विद्यालय मिला और न ही सैनिक स्कूल। सिरोही और आबूरोड में हवाई अड्डे की स्वीकृति होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने वो भी पूरी नहीं की। इस बजट से गरीब और अधिक गरीब हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हर साल 2 करोड़ रोजगार का वादा किया था, लेकिन पिछले तीन साल में 12 करोड़ रोजगार घट गए हैं।
25 सांसदों के बाद भी राजस्थान निराश: कांग्रेस प्रदेश डोटासरा
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों, महिलाओं, गरीबों और छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर बजट नहीं बनाया गया है। यह कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को खुश करने और देश में आर्थिक असमानता बढ़ाने वाला बजट है।
डोटासरा ने कहा कि आम जनता खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों को आयकर में राहत की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को राहत देने के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कमी की है। उन्होंने कहा कि बजट में राजस्थान के विकास के लिए कोई योजना आवंटित नहीं हुई है। राज्य से भाजपा के 25 सांसद चुने गए हैं, लेकिन सरकार ने राजस्थान की जनता से ईस्टर्न कैनाल योजना को राष्ट्रीय परियोजना बनाने का वादा भाी पूरा नहीं किया।