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Dr. Archana Suicide Case: आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष ने कलेक्टर को लिखा पत्र, कहा-आरोपी की जानकारी देने वाले देंगे 50 हजार 

Wed, 06 Apr 2022 03:27 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

डॉ. अर्चना आत्महत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने तारीख तय कर ली है। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी बल्या जोशी को 10 अप्रैल तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मृतका डॉ. अर्चना शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Dr. Archana Sharma suicide case: दौसा के लालसोट में आत्महत्या करने वाली डॉक्टर अर्चना शर्मा केस में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। एसपी ने आरोपी शिवशंकर उर्फ बल्या जोशी की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपए की घोषणा की है। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आरोपी की जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने का एलान किया है। आईएमए राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ने कलेक्टर कमर चौधरी को इसके लिए पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने आरोपी की सूचना देने वाले को आईएमए की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम के देने की बात कही है। 

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10 अप्रैल तक गिरफ्तारी, नहीं तो प्रॉपर्टी होगी कुर्क 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डॉ. अर्चना आत्महत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने तारीख तय कर ली है। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी बल्या जोशी को 10 अप्रैल तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने आरोपी की प्रॉपर्टी की एक सूची भी तैयार की है। बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उसकी प्रॉपर्टी कुर्क की जा सकती है। उधर, आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की टीमें उसके संभावति ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी उसे तलाश जा रहा है। 

डॉक्टरों की सुरक्षा और सीबीआई जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
डॉक्टर अर्चना का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी डॉ मुकेश वर्मा (अध्यक्ष), डॉ प्रीतम पंकज (सचिव), डॉ प्रकाश लालचंदानी, डॉ अजीत कुमार और डॉ सुरेंद्र यादव की ओर से अधिवक्ता शशांक देव सुधी और शशि भूषण ने याचिका दायर की है। याचिका में देश भर के डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नीतियां बनाने और सुसाइड केस की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि लोगों की जिंदगी बचाने वाले डॉक्टरों पर लगातार हमले हो रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सख्त नीति बनाने की आवश्यकता है। 
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क्या है पूरा मामला 
दौसा के लालसोट में खेमावास निवासी लालूराम बैरवा पत्नी आशा देवी (22) को प्रसव के लिए 28 मार्च की सुबह आनंद हॉस्पिटल लेकर आए थे। प्रसव के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसमें भाजपा नेता और उनके समर्थक भी शामिल हुए। विरोध-प्रदर्शन के बाद लालसोट थाने में डॉक्टर अर्चना के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इससे डॉ. अर्चना शर्मा तनाव में चली गई और अगले दिन 29 मार्च को उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 
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