हंगामें के बाद जाम लगाकर बैठे लोग।
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बांदीकुई विधायक और ट्रैक्टर चालकों ने लगाया वनकर्मियों पर पैसे लेने का आरोप, लोगों के साथ बैठे धरने पर, मामला वनकर्मियों द्वारा बजरी से भरी ट्राली को पकड़ने को लेकर शुरू हुआ था, जिस पर स्थानीय विधायक ने उन कर्मियों पर शराब पीकर ड्यूटी पर होने का आरोप लगाया
दौसा जिले के बसवा में शनिवार की शाम वन कर्मियों ने बजरी से भरे ट्रैक्टर को पकड़ा तो हंगामा हो गया। बीच सड़क पर विधायक की मौजूदगी में लोगों ने वन कर्मियों के साथ मारपीट कर ट्रैक्टर को खाली कर छुड़वा लिया। इसके बाद विधायक बसवा बस स्टैंड पर लोगों के साथ रास्ता बंद कर धरने पर बैठ गए।
उधर, बांदीकुई रेंजर और वन कर्मियों ने बांदीकुई विधायक पर आरोप लगाया कि उन्होंने ट्रैक्टर छुड़वाने के लिए कॉल की थी। ट्रैक्टर नहीं छोड़ा गया तो विधायक भागचंद टांकड़ा अपने दल बल के साथ बसवा पहुंच गए। रेंजर सहित महिला कर्मी और अन्य स्टाफ के साथ मारपीट कर ट्रैक्टर छुड़ा लिया।
इधर, इसी दौरान रेंजर ने आरोप लगाया विधायक ने जबरदस्ती उनकी जेब में पैसे डालकर उन्हें गलत साबित करने की कोशिश की। रेंजर राजेश शर्मा ने कहा कि मारपीट के दौरान बसवा पुलिस ने बीचबचाव कर स्टाफ को बचाया। वहीं, महिला वनकर्मी ने कहा कि विधायक ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट करने की कोशिश की। वहीं अन्य स्टाफ ने भी विधायक पर मारपीट करने का आरोप लगाया।
ये बोले विधायक
मामले को लेकर विधायक ने कहा कि एक कर्मी ट्रैक्टर चालकों से रुपये ले रहे थे। बाद में विधायक लोगों के साथ थाने पर पहुंचे और वन कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। वहीं, पहले से थाने में मौजूद वनकर्मी भी मामला दर्ज कराने के लिए बैठे थे।
फंसाने के लिए षड्यंत्र रचा
वनकर्मी दिया ने कहा कि विधायक अपने लोगों से ट्रैक्टर छुड़वाने की बात करते हैं। आज ट्रैक्टर पकड़ लिया तो उन्होंने हमारे साथ मारपीट कर हमें फंसाने के लिए षड्यंत्र रचा है।