राजस्थान में रविवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। राजभवन में कुल 15 मंत्रियों को वरिष्ठता के आधार पर शपथ दिलाई गई। इनमें 11 कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री बने। वहीं, इस बीच उदयपुर से डॉ. खेरवाड़ा के विधायक दयाराम परमार को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। इसके लिए उन्होंने नाराजगी जाहिर की है। डॉ परमार ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पूछा है कि मंत्री बनने के लिए क्या काबिलियत होती है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से सीएम से पूछा कि ऐसा लगता है कि मंत्री बनने के लिए कोई विशेष योग्यता की आवश्यकता होती है। अगर ऐसा है तो सीएम हमें बताएं, जिससे उसको हासिल करके भविष्य में मंत्री बनने की कोशिश की जा सके। गौरतलब है कि दयाराम परमार छह बार के विधायक रहे हैं। अशोक गहलोत की 1998 और 2008 सरकार में परमार राज्यमंत्री रहे थे। मगर इस बार उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। 2018 विधानसभा चुनाव में परमार ने 26 हजार से ज्यादा वोट से जीत दर्ज की थी। परमार 1965 में सरपंच बन गए थे।
इन तीन मंत्रियों का प्रमोशन
भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली और ममता भूपेश बैरवा पिछले मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे और इस बार इन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। शनिवार को पूरे गहलोत मंत्रिमंडल ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद रविवार को नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई गई।
छह विधायकों को मुख्यमंत्री गहलोत का सलाहकार नियुक्त किया
इस बीच राजस्थान में छह विधायकों को रविवार को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी सूचना में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार कांग्रेस विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह, राजकुमार शर्मा, दानिश अबरार और निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर, संयम लोढ़ा, रामकेश मीणा को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है।