कुछ विधायकों की नाराजगी के बीच राजस्थान में नए मंत्रिमंडल का शपथग्रहण पूरा हो गया। हालांकि खबर आई कि कुछ विधायक इससे नाराज हैं और सीएम गहलोत ने उन्हें ढांढस बधाया। राजभवन में कुल 15 मंत्रियों को वरिष्ठता के आधार पर शपथ दिलाई गई। सबसे पहले हेमाराम चौधरी ने शपथ ली। इस मंत्रिमंडल में पायलट खेमे से मुरारीलाल मीणा, बृजेंद्र सिंह ओला, हेमाराम चौधरी, रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली।
इन तीन मंत्रियों का प्रमोशन
भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली और ममता भूपेश बैरवा पिछले मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे और इस बार इन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। शनिवार को पूरे गहलोत मंत्रिमंडल ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद रविवार को नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई गई।
छह विधायकों को मुख्यमंत्री गहलोत का सलाहकार नियुक्त किया
इस बीच राजस्थान में छह विधायकों को रविवार को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी सूचना में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार कांग्रेस विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह, राजकुमार शर्मा, दानिश अबरार और निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर, संयम लोढ़ा, रामकेश मीणा को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है।
अब भी नाराजगी थमी नहीं
कांग्रेस विधायक दयाराम परमार ने सीएम अशोक गहलोत को लिखा, 'ऐसा लगता है कि मंत्री बनने के लिए कुछ विशेष योग्यताओं की जरूरत होती है। कृपया मुझे बताएं कि वे योग्यताएं क्या हैं ताकि मैं भविष्य में मंत्री बनने के लिए उन्हें हासिल कर सकूं।'