राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरएएस) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में टकराव के हालात बन गए हैं। इसका कारण है बिना प्रक्रिया पूरी किए एक आरएएस अधिकारी को पूछताछ के लिए ले जाने का। अब दो दिन बद इस मामले के तूल पकड़ लिया है। इससे सुलझाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव ऊषा शर्मा को दी है। वहीं आरएएस अधिकारी इस तरह की कार्रवाई करने वाले एसीबी अफसरों के निलंबन की मांग कर रहे हैं।
जाने क्या है विवाद
दरअसल, दो दिन पहले एसीबी बिना प्रक्रिया के आरएएस अधिकारी भागचंद्र बघाल को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। इस मामले ने ब्यूरोक्रेसी में हलचल मचा दी है। आरएएस अधिकारी इस बार समझौता करने को तैयार नहीं हैं। आरएएस अधिकारियों के सोशल मीडिया ग्रुप में एक ही सवाल किया जा रहा है कि सीनियर आरएएस अधिकारी को बिना किसी सबूत के एसीबी पूछताछ कैसे ले गई ? उनका आरोप है कि राजस्थान को पुलिस स्टेट बनाकर रख दिया गया है। मुख्य सचिव ने मामले को सुलझाने के लिए एसीबी और आरएएस एसोसिएशन के उच्च अधिकारियों को बुलाया, लेकिन बात नहीं बनी। आरएएस अधिकारी बघाल को ले जाने वाले एसीबी अधिकारी के निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं।
माफी नहीं सस्पेंशन चाहिए
आरएएस अधिकारियों का कहना है कि पूरे राजस्थान में हड़ताल करनी पड़ी तो करेंगे, लेकिन इस बार माफी नहीं निलंबन ही चाहिए। वहीं मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने एसीबी के अधिकारी से माफी मंगवाने की बात कही। इस पर आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि माफी समाधान नहीं है। अफसर की इज्जत गई है। ये बर्दाश्त से बाहर है।
एक आरएएस अधिकारी ने यह तक कह दिया कि मेरी और पूछताछ के लिए ले जाने वाले एसीबी के अधिकारी की संपत्ति की जांच करवा ली जाए, दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा। जिसके पास आय से ज्यादा संपत्ति हो उसे जेल में डाल दो। यदि मेरी संपत्ति आय से ज्यादा मिलती है तो मुझे सीएस दफ्तर से ही गिरफ्तार कर लिया जाए, इसमें देर नहीं करनी चाहिए।
आरएएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा की पुलिस पर मॉनिटरिंग का सिस्टम तक नहीं है। एसीबी के अफसर दूध के धुले हुए नहीं हैं। एक आरएएस अफसर से एसआई रैंक का पुलिसकर्मी पूछताछ कर रहा है। यह बेहद ही शर्मनाक है।
आरएएस अधिकारी ने यह पोस्ट लिखा
बता दें कि पूछताछ के लिए ले जाए गए आरएएस अधिकारी ने अपना दर्द अपने कैडर के अधिकारियें के साथ साझा किया। सोशल मीडिया पर बनाए गए ग्रुप में उन्होंने लिखा कि 'एसीबी कल मुझे ले ही गई, मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जैसै में भ्रष्ट हूं। इसे आरएएस कैडर का दुर्भाग्य ही कहूंगा, कुछ अधिकारी इसे सामान्य बात मान सकते हैं, लेकिन यदि मुझे एसीबी ले जा सकती हैं तो फिर सभी को इसके लिए तैयार रहना चाहिए'। इस पोस्ट के सामने आने के बाद आरएएस एसोसिएशन ने इसे लेकर रणनीति बनाई है।