राजस्थान में रविवार को राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) का आयोजन हुआ। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का चयन करने के लिए होने वाली इस परीक्षा से एक दिन पहले यानी शनिवार को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने नागौर जिले में कार्रवाई करते हुए रुपये लेकर इस परीक्षा में पास कराने की गारंटी लेने वालों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया।
एसओजी को जानकारी मिली थी कि एक कॉलेज संचालक अपने भाई और तीन दलालों के साथ मिलकर परीक्षार्थियों को पैसे लेकर परीक्षा पास कराने की गारंटी दे रहा था। इसके लिए वह एक परीक्षार्थी से 10 लाख रुपये ले रहा था। इस कॉलेज में रीट का परीक्षा केंद्र भी था। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में पुलिस ने कार्रवाई की और कॉलेज संचालक, उसके भाई और तीनों दलालों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार पकड़े गए तीन दलाल सरकारी शिक्षक हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में कॉलेज संचालक जावेद अली (33) निवासी व्यापारियों का मोहल्ला, उसका भाई खालिद (28), श्रवणराम (43) निवासी भेड हाल, रामकुंवर (41) निवासी जावली और रामनिवास (46) निवासी चातरा मांजरा हाल शामिल हैं। पांचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
इससे पहले एसओजी ने डूंगरपुर के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया था। वहीं, इसके दो दिनों के अंदर ही एसओजी ने बाड़मेर, सीकर, अलवर, कोटा, जयपुर, दौसा और कुचामन में भी कार्रवाई करते हुए 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। आज परीक्षा के आयोजन के दिन पांच जिलों में मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं 12 घंटे तक बंद रहीं।
इसके अलावा कुचामन में भी यह परीक्षा पास कराने की गारंटी दे रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रवेश पत्र व मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपी परीक्षार्थियों से 10 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का दावा कर रहे थे। इनके व्हाट्सएप पर पुलिस को कई बाहरी जिलों के परीक्षार्थियों से बातचीत का रिकॉर्ड भी मिला है।