मेघवाल ने कहा कि बजरंग दल में आपराधिक लोग शामिल किए जा रहे हैं, जिन पर संगीन मामले दर्ज हैं। हमारी पार्टी ने बजरंगबली का विरोध नहीं किया, देवताओं के नाम पर दल बनाकर अपराध किया जा रहा है, हम विरोध इसका कर रहे हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस के घोषणा पत्र जारी करने के बाद सियासत तेज हो गई है। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल का कहना है कि राजस्थान और कर्नाटक अलग नहीं है। मंत्री ने यह जवाब कांग्रेस के घोषणापत्र में किए एलान पर पूछे सवाल पर था, जिसके बारे में एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या राजस्थान में भी बजरंग दल पर बैन लगेगा।
बजरंग दल में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की भर्ती
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कांग्रेस ने इसी हफ्ते कर्नाटक में अपना घोषणापत्र जारी किया है। इसमें पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के साथ-साथ कांग्रेस ने बजरंग दल पर भी बैन लगाने का वादा किया है। राजस्थान के आपदा राहत मंत्री गोविंद मेघवाल ने प्रदेश में भी बजरंग दल पर बैन करने के सवाल पर कहा कि कर्नाटक और राजस्थान अलग-अलग नहीं हैं। यहां भी बजरंग दल के लोग अगर अपराध करेंगे, गलत काम करेंगे, हम लोग विरोध करेंगे। RSS, बजरंग दल में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की भर्ती कर अपराध करवाए जाते हैं। मॉब लिंचिंग करवाते हैं। धर्म के नाम पर लोगों के साथ मारपीट की जाती है।
बजरंगबली का विरोध नहीं किया
मेघवाल ने कहा कि बजरंग दल में आपराधिक लोग शामिल किए जा रहे हैं, जिन पर संगीन मामले दर्ज हैं। हमारी पार्टी ने बजरंगबली का विरोध नहीं किया, देवताओं के नाम पर दल बनाकर अपराध किया जा रहा है, हम विरोध इसका कर रहे हैं। अगर हमें महसूस होगा कि बजरंग दल के नाम पर अपराध हो रहे हैं। जय श्रीराम के नारे लगाकर आपराधिक काम हो रहे हैं, तो हम इसकी छूट कतई नहीं देंगे।
1948 पर भी लगाया था बैन
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1948 में भी जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी थी, तब तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल ने RSS पर बैन लगाया था। कर्नाटक में जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनेगी, बजरंग दल को बैन किया जाएगा।