विधानसभा में रीट पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार हंगामा हो रहा है। भाजपा विधायकों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध नारेबाजी से होते हुए अब विधायकों के बीच छीना झपटी पर उतर आया है। बजट सत्र से भाजपा के चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने माकपा विधायक बलवान पूनिया को बोलने से रोका था। भाजपा विधायक रामलाल शर्मा, चंद्रभान आक्या, मदन दिलावर और अविनाश गहलोत पर निलंबन की कार्यवाही की गई है। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने संदन में चारों विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा था।
उधर, कार्यवाही से नाराज और रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच को लेकर भाजपा विधायक विधानसभा में धरने पर बैठ गए हैं। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और सचेतक जोगेश्वर गर्ग सहित अन्य नेता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
विधायक ने फाड़ दिया पोस्टर
संदन में निर्दलीय विधायक बलवान पूनिया अपनी बात कह रहे थे, इस दौरान भाजपा के विधायक उन्हें बोलने से रोका और उनके आगे पोस्टर लहराए। इससे नाराज प्रताप सिंह खाचरियावास ने पोस्टर फाड़ दिया। इसके बाद कई विधायक में छीना झपटी शुरू हो गई। भाजपा के विरोध के बीच विधानसभा की कार्रवाई चार बार स्थगित की गई।
सुबह से ही शुरू हो गया था विरोध
विधानसभा की कार्यवाही सुबह हंगामे के साथ ही शुरू हुई थी। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया भाजपा ने रीट मामले को लेकर विरोध शुरू कर दिया था। सबसे पहले भाजपा विधायक मदन दिलावर खड़े हुए और उन्होंने रीट का पेपर कहां मिलेगा नाथी तेरे बाडे़ में जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद भाजपा के सभी विधायक एक साथ नारा लगाने लगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने जताई थी नाराजगी
रीट पेपर लीक मामले पर चर्चा करने के लिए विधानसभा में शून्य काल का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इस पर चर्चा होती उससे पहले ही भाजपा ने विरोध शुरू कर दिया। इससे नाराज विधानसभा अध्यक्ष जोशी ने भाजपा विधायकों से कहा कि आप युवाओं के साथ अन्याय कर रहे हैं।
भाजपा सरकार में भी लीक हुए थे पेपर
भाजपा विधायकों के विरोध पर मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरा पांच बार पेपर आउट हुआ था। उन्होंने कहा कि रीट का पेपर ही दो बार लीक हुआ था। तब की सरकार ने सिर्फ थाना स्तर पर जांच कराकर मामला शांत करा दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार एक कानून लाने जा रही है जिससे कभी भी पेपर लीक न हो।
प्रश्नकाल 20 मिनट पहले खत्म
विधानसभा में भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच प्रश्नकाल 20 मिनट पहले ही रद्द कर दिया गया। इस दौरान विरोध के कारण सिर्फ सत्ता पक्ष के विधायक ही अपने सवाल पूछ पाए। भाजपा विधायक पूरे टाइम सरकार के खिलाफ नारेबाजी ही करते रहे।
23 फरवरी को बजट होगा पेश
सरकार 23 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश करेगी। इस बार कृषि का बजट अलग से पेश किया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा कि इस तरह का बजट पेश किया जा रहा हो। माना रहा है कि सरकार किसानों को कुछ बड़ी सौगात दे सकती है। इसके लिए सरकार की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। उधर, भाजपा के विधायकों के विरोध को देखते हुए उन्हें शांत करने का प्रयास भी किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा नेताओं से बात कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।