राजस्थान में बीकानेर के करणी इंडस्ट्रियल एरिया में एमएल इंडस्ट्रीज के मालिक सुरेश राठी के मोबाइल पर सोमवार सुबह आठ और साढ़े आठ बजे के बीच बैंक से रुपये निकलने का मैसेज आया। बैंक के मैसेज को उन्होंने पहले तो नहीं देखा, लेकिन बाद में एक मैसेज पढ़ा तो होश उड़ गए। एक-एक करके सभी मैसेज देखे तो पता चला कि 72 लाख रुपये बैंक से डेबिट हुए हैं।
बता दें कि राठी ने अपने ऑफिस और एकाउंटेंट को फोन किया। किसी ने रुपये नहीं निकालने की जानकारी दी। इस पर पुलिस को बताया गया। पुलिस ने भी तुरंत साइबर टीम को एक्टिवेट किया। जहां से 53 लाख रुपये रोक लिए गए। ये रुपये ठग ने अपने खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर नहीं किए थे। ऐसे में ये रुपये बच गए। सामने वाला खाता फ्रीज कर दिया गया है, ऐसे में वो भी रुपये नहीं निकाल सकेगा।
सुरेश राठी ने बताया, ये खाता किसी आरसी अग्रवाल के नाम से है, जिसमें पहले रुपये ट्रांसफर हुए हैं। राठी ने बताया कि उन्होंने किसी भी मैसेज पर आए लिंक को क्लिक नहीं किया है। उनके पास तो सीधे मैसेज आया कि रुपये निकल गए हैं। ऐसे में ये माना जा रहा है कि राठी का मोबाइल ही हैक कर लिया गया है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई...
साइबर ठगी में इतनी बड़ी ठगी रोकने वाला बीकानेर प्रदेश का पहला जिला बन गया है। अब तक किसी भी जिले में इतनी बड़ी ठगी के बाद 53 लाख रुपये वापस करवाने का मामला सामने नहीं आया है। पुलिस की इस उपलब्धि से प्रसन्न होकर एसपी तेजस्विनी गौतम ने साइबर टीम को अपने ऑफिस बुलाया और उनका हौंसला बढ़ाया। गौतम ने बताया कि साइबर क्राइम रोकने के लिए पुलिस टीम मजबूती से काम कर रही है।