पंच धातु से बनाया गया 1100 किलो का दीपक
मन में ख्याल आने के बाद अरविंद ने दीपक बनाने की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने वडोदरा में स्थित मकरपुरा जीआईडीसी फैक्ट्री में दीपक बनाने के लिए बात की। इंजीनियर्स के चर्चा करने के बाद अरविंद ने डिजाइन तैयार की और पंच धातु से दीपक बनाने का फैसला किया। करीब एक महीने में 1100 किलो के दीपक को बनाकर तैयार किया गया। इस दीपक को बनाने के लिए सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और शीशा का उपयोग किया गया है। दीपक की ऊंचाई 9.15 फीट और चौड़ाई 8 फीट है।
मशाल से प्रज्जवलित किया जाएगा दीपक
इस दीपक में 500 किलो से ज्यादा घी एक बार में आएगा। दीपक को जलाने के लिए 15 किलो रुई की बाती एक बार में लगाई जाएगी। साथ ही दीपक को मशाल से प्रज्जवलित किया जाएगा, इसके लिए ऊपर तक पहुंचने के लिए एक सीढ़ी भी बनाई गई है। एक बार प्रज्जवलित करने के बाद यह दीपक एक महीने से ज्यादा समय तक जलेगा।
501 किलो घी साथ लेकर जा रहे अरविंद
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अरविंद ने कहा कि सनातन का सपना पूरा होने वाला है। हम अपने साथ 501 किलो घी साथ लेकर जा रहे हैं। दीपक को स्थापित करनके बाद इस घी से उसे प्रज्जवलित करेंगे। हालांकि, अरविंद ने दीपक बनने में आई लागत को बताने से इनकार कर दिया।