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Rajasthan: दिव्यकृति को अर्जुन अवॉर्ड, घुड़सवारी में 41 साल बाद देश को दिलाया था गोल्ड मेडल, जानिए ये खास बात

Tue, 09 Jan 2024 06:30 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Divyakirti Sngh: घुड़सवारी में देश को 41 साल बाद स्वर्ण पदक दिलाने वाली दिव्यकीर्ति सिंह को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। ये राजस्थान के नागौर जिले के छोटे से गांव की रहने वाली हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिव्यकृति को किया सम्मानित। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान की दिव्यकृति सिंह हॉर्स राइडिंग में अर्जुन अवाॅर्ड पाने वाली देश की पहली महिला बन गई हैं। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिव्यकृति को अवाॅर्ड देकर सम्मानित किया। दिव्यकृति ने घुड़सवारी में 41 साल बाद एशियन गेम्स-2023 में देश को स्वर्ण पदक दिलाया था। इसी कारण से उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया है।

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सातवीं क्लास से की थी घुड़सवारी की शुरुआत
दिव्यकृति सिंह राजस्थान के नागौर जिले के छोटे से गांव पीह की रहने वाली हैं। दिव्यकृति ने अजमेर के मेयो स्कूल से घुड़सवारी की शुरुआत की थी, तब वह 7वीं कक्षा में थीं। इसके बाद से वह लगातार घुड़सवारी करती आ रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मैरी कॉलेज से पढ़ाई करने के दौरान दिव्यकृति ने जर्मनी, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी घुड़सवारी की ट्रेनिंग ली है।

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पिता ने खरीदकर दिया घोड़ा
एक समय ऐसा भी था कि दिव्यकृति के पास प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए घोड़ा नहीं था। ऐसे में बेटी और उसके हुनर को आगे बढ़ाने के लिए उनके पिता विक्रम सिंह ने उन्हे जर्मनी से घोड़ा खरीदकर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पूरी की।  


अब यूरोप में रहती हैं दिव्यकृति
दिव्यकृति ने देश में होने वाली कई हॉर्स राइडिंग प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया है। साल 2020 में वह यूरोप में शिफ्ट हो गईं। एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिव्यकृति ने एक साल डेनमार्क और 2 साल जर्मनी में भी ट्रेनिंग ली थी। एशियन गेम्स-2023 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने सुर्खिया बंटोरीं थी। 
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पिता पोलो क्लब से जुड़े
दिव्यकृति का परिवार जयपुर में रह रहा है। उनके परिवार में माता-पिता और एक बड़ा भाई हैं। उनके पिता विक्रम सिंह पोलो क्लब जयपुर से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में दिव्यकृति यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया में रह रही हैं और वहां ट्रेनिंग कर रही हैं। 
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