अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत जयपुर से आये दंपती का बैग दो महिलाओं ने पार कर लिया। लैक्चरार और उनकी पत्नी रेलवे स्टेशन पर पैसों से भरा बैग लेकर ई-रिक्शा में सवार हुए थे। तभी रास्ते में दो महिला और उनके साथ एक बच्ची ने मिलकर घटना को अंजाम दिया और फरार हो गईं।
पीड़ित शांति शर्मा ने बताया कि वो अपने पति श्यामलाल शर्मा जो लैक्चरार के पद से रिटायर्ड हैं, उनके साथ ट्रेन में सवार होकर जयपुर से अलवर अपने भाई से मिलने आई थी। ट्रेन से उतरने के बाद हमने हमारे बैग में रखा एक अलग बैग, जिसमे 50 हजार रुपये कैश थे उसको सम्भाला। अलवर स्टेशन से जब हम पुरुसार्थी धर्मशाला भेरू का चबूतरा के लिए ई-रिक्शा में सवार होकर चले तो बीच रास्ते मे कलेक्टर निवास के पास एक महिला और दो लड़कियां भी इस ई-रिक्शा में सवार हो गई, जिनकी उम्र करीब 30 वर्ष, 15 और 12 वर्ष के आस पास रही होगी। उनके हाथ में काला रुमाल था जो बार-बार मेरी आंखों के सामने से घुमा रही थीं। एक महिला सामने बैठकर मेरे पति की आंखों मे आंख मिलाकर बैठी थी। काफी देर तक तीनों महिलाओं ने इसी प्रकार की गतिविधि की। जब ई-रिक्शा चालक उनको पहले छोड़ने जा रहा था तब हमने कहा भी कि भइया पहले हमको हमारे स्थान छोड़कर आ जाओ लेकिन वह भी नहीं माना और उन तीनों महिलाओं को अशोका टॉकीज के समीप छोड़कर वापस हमको छोड़ने गया।
जब हम दोनों पति पत्नी ईरिक्शे से अपने स्थान पर पहुंचे तो हमने उतरने के कुछ देर बाद हमारे बैग को संभाला और उसके अंदर रखे दूसरे बैग को देखना चाहा, जिसमें 50 हजार रुपये कैश रखे थे जब हमने देखा तो वह बैग उस बैग में नहीं था। शक है कि ई-रिक्शा में जो तीन महिलाएं बैठी थीं, उन्होंने हमारे पैसो से भरे बैग को चुरा लिया। लिखित शिकायत हम दोनों पति पत्नी ने कोतवाली थाने में दर्ज करवा दी है।
महिला शांति देवी और उनके पति श्यामलाल शर्मा दोनों जयपुर के ए 133 तिरुपति नगर जगतपुरा के रहने वाले हैं जो कल देर रात शांति देवी अपने पति के साथ अपने भाई से मिलने के लिये आये थे। कुल मिलाकर हालात यह हो गए कि अलवर में अपराध तेजी से फल फूल रहे हैं और पुलिस भी इन चोरों के खिलाफ कुछ नहीं कर रही है। इस मामले में तो महिलाएं ही चोर निकली जो बैग पार कर ले गई।