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Rajasthan: ग्रामीणों और परिजनों ने फिर घेरा थाना, दिल्ली जेल में युवक की संदिग्ध मौत का मामला

Thu, 17 Oct 2024 01:35 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

युवक की मौत के बाद उसका शव अलवर लाया गया, रात में ही ग्रामीण थाने से थोड़ी दूरी पर हाइवे के पास एकत्रित होने लगे। जानकारी मिलने पर पुलिस बल वहां पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत करया और कहा कि मामले की न्यायिक जांच की जाएगी।
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लोगों को पुलिस ने कराया शांत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलवर के सदर थाना क्षेत्र के तूलेड़ा गांव के 22 वर्षीय युवक की दिल्ली जेल में संदिग्ध मौत होने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार रात में दूसरी बार थाने का घेराव कर हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश की। इसके बाद देर रात में ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।

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दरअसल, पिछले दिनों दिल्ली के द्वारका की साइबर टीम अलवर आई थी। दिल्ली पुलिस साइबर फ्रॉड के मामले में तूलेड़ा गांव निवासी टिंडू पुत्र भंवरदास को गिरफ्तार कर ले गई थी। वहां तिहाड़ जेल में आरोपी युवक को बंद किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुसाइड की आशंका जताई जा रही थी। युवक को 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और दो दिन पहले उसके सुसाइड करने की सूचना मिली। इसके बाद से ही परिजनों और ग्रामीणों का विरोध जारी था।

मामले की होगी न्यायिक जांच
मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने दूसरी बार रात में हंगामा किया। युवक की मौत के बाद उसका शव अलवर लाया गया, जिसके बाद रात में ग्रामीण थाने से थोड़ी दूरी पर हाइवे के पास एकत्रित होने लगे। पुलिस को जानकारी मिलने पर पुलिस बल वहां पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि यह मामला दिल्ली पुलिस का है और इसमें अलवर पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। सुसाइड का दावा किया जा रहा है, लेकिन पूरी स्थिति न्यायिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।
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भाई पहुंचा तब तक हो चुकी थी मौत
दिल्ली पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है, लेकिन मृतक के भाई को उसका फोन आया था, जिसमें उसने 40 हजार रुपये भिजवाने की बात कही थी। उसने बताया था कि 40 हजार रुपये देने पर पुलिस उसे छोड़ देगी। लेकिन जब उसका भाई पैसे लेकर पहुंचा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। किसने पैसे मांगे थे, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया था। अगले ही दिन गांव में उसकी मौत की सूचना पहुंच गई थी।

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