आरोपी के हाथ के केमिकल के असर से बदला पानी का रंग।
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दौसा में एक व्यक्ति के ससुराल वालों ने उसके खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया। मामले में हेड कांस्टेबल ने मुकदमे से नाम हटाने के लिए पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी। जिस पर परिवादी ने एसीबी को शिकायत की। एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए हेड कांस्टेबल राजेंद्र को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
दौसा एसीबी के एडिशनल एसपी महेंद्र शर्मा ने बताया कि यह रिश्वत की रकम मारपीट के मुकदमे में नाम हटवाने की एवज में ली गई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही पूरे बांदीकुई पुलिस थाने में हड़कंप मच गया। फिलहाल एसीबी की टीम पूरे मामले पर कार्रवाई कर रही है।
दौसा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बांदीकुई में कार्रवाई करते हुए हेड कांस्टेबल राजेंद्र को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। मामला बांदीकुई थाने का है। हेड कांस्टेबल 2500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ है।
मारपीट के मुकदमे में नाम हटवाने की एवज में हेड कॉन्स्टेबल राजेंद्र ने परिवादी से रिश्वत के रुपये लिए थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो दौसा टीम ने आज वेरिफिकेशन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ धर दबोचा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो दौसा के एएसपी महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में दोपहर में यह कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि बांदीकुई थाने में दर्ज मारपीट के एक मुकदमे में दो लोगों के नाम हटवाने की एवज में बांदीकुई थाने में तैनात हेड कांस्टेबल राजेंद्र शर्मा ने परिवादी से 5000 रुपये रिश्वत की डिमांड की थी। जिस पर परिवादी ने दौसा एसीबी को शिकायत की थी जिसके बाद एसीबी द्वारा शिकायत का वेरिफिकेशन करवा गया, इससे पहले परिवादी ने पूर्व में हेड कांस्टेबल को 1500 रुपये पहली किश्त में दे दिए थे। बाकी रकम तय सौदे के मुताबिक आज देना तय हुआ। तो एसीबी दौसा ने बांदीकुई थाने के पास एक चाय की थड़ी में परिवादी से 2500 रुपये की रिश्वत लेते हुए हेड कांस्टेबल राजेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया और उससे रकम बरामद कर ली।