गोबिंदगढ़ गुरु की नगरी इलाके का रेलवे फाटक खुलने के इंतजार में एक प्रवासी गर्भवती महिला की रेलवे ट्रैक के नजदीक मौत हो गई। मौत से पहले मृतका ने रेलवे ट्रैक के नजदीक एक बच्ची को जन्म दिया, जो सुरक्षित है। महिला को जब उसका पति सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचा तो डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
महिला के पति धर्मेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी बिंदु को प्रसव पीड़ा हुई तो शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे वह उसको लेकर सिविल अस्पताल के लिए चल पड़ा। समय पर कोई एंबुलेंस नहीं मिली तो उन्होंने ऑटो रिक्शा किया और पत्नी को सिविल अस्पताल ले जाने लगा। जब पत्नी को लेकर वह रेलवे फाटक के पास पहुंचा तो पत्नी को ज्यादा प्रसव पीड़ा हुई और वहीं ऑटो में ही उसने एक बच्ची को जन्म दे दिया।
काफी देर बाद रेलवे फाटक खुला तो महिला को फटाफट सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने अस्पताल में महिला को मृत घोषित कर दिया। एक अन्य व्यक्ति विवेक कुमार ने बताया कि महिला को जब प्रसव पीड़ा हो रही थी तो रेलवे फाटक के ऑपरेटर से फाटक खोलने की अपील की गई और महिला को निकल जाने देने को कहा गया लेकिन उसने फाटक खोलने से इंकार कर दिया। बताया जाता है कि इस रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज बनना है, जो कि अब तक शुरू नहीं हो सका। हलका विधायक रणदीप सिंह नाभा ने बताया कि इसकी शुरुआत अक्तूबर के पहले सप्ताह से होगी।
बिंदु की मौत नहीं कत्ल हुआ है :राजू खन्ना
युवती की मौत के बाद शिरोमणि अकाली दल अमलोह के इंचार्ज गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना और जिला शहरी अध्यक्ष कृष्ण वर्मा बाबी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और अंतिम क्रिया के लिए आर्थिक मदद दी। गुरप्रीत सिंह और राजू खन्ना ने कहा कि 2016 में सुखबीर सिंह बादल ने यहां पर करीब 35 करोड़ की लागत से रेलवे ओवरब्रिज बनाने का नींव पत्थर रखा था लेकिन कांग्रेस सरकार बनने के बाद 5 साल तक यह पुल नहीं बन सका। एक दर्जन के करीब गांव के लोग पिछले करीब 23 सालों से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं। अब तक कई मौत फाटक बंद होने की वजह से हो चुकी हैं। राजू खन्ना ने कहा कि सिस्टम की नाकामी की वजह से युवती की मौत नहीं, बल्कि कत्ल हुआ है।