बादल ने कहा कि जब भाजपा कृषि कानून विधेयक संसद में लाई तब सांसद हरसिमरत और सांसद सुखबीर बादल ने विधेयक के विरोध में वोटिंग की थी। इस के अलावा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भाजपा सरकार से कहा था कि वो एक बार किसानों की राय लें लेकिन भाजपा ने पहले हां की बाद में बिना किसानों की राय के कृषि कानून बना दिए।
पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल हमेशा किसानों के साथ रही है और भविष्य में भी किसानों के साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान संयुक्त मोर्चा शिअद नेताओं को कहीं पर भी बुलाकर उनसे सवाल जवाब कर सकता है। जिसके लिए शिअद नेता तैयार हैं और शिअद का कोई नेता किसानों के सवाल से नहीं भागेगा।
यह भी पढ़ें: पंजाब: अब मंत्री आशु ने साधा अमरिंदर पर निशाना, बोले- अगर उन्होंने कांग्रेस छोड़ी तो अकेले पड़ जाएंगे
शिअद 13 सूत्रीय एजेंडे पर लडे़गा चुनाव: सुखबीर
सुखबीर बादल ने एलान किया कि शिअद 13 सूत्रीय एजेंडे पर 2022 का चुनाव लडे़गा। उन्होंने कहा कि अगर चन्नी सरकार ने एक सप्ताह में पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं दिया तो शिअद नेता मुख्यमंत्री चन्नी की कोठी को घेरेंगे। सुखबीर बादल ने कहा कि कांग्रेस नेता कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार को किसानों की परवाह नहीं है।
उन्होंने कहा कि गुलाबी सुंडी ने लाखों एकड़ किसानों की कपास की फसल बर्बाद कर दी लेकिन सरकार ने अभी तक पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं दिया। बादल ने कहा कि जब चन्नी बठिंडा दौरे पर आए थे तो उन्हें उम्मीद हुई थी कि शायद चन्नी पीड़ित किसानों और मजदूरों को मुआवजे का एलान करेंगे लेकिन चन्नी एवं उपमुख्यमंत्री रंधावा सिर्फ स्प्रे भेजने की बात कहकर चले गए।
सांसद सुखबीर बादल ने एलान किया कि 13 सूत्रीय एजेंडे के तहत नीले कार्ड दोबारा बनाए जाएंगे, दो हजार रुपये हर माह घर चलाने वाली महिलाओं के खाते में जमा करवाए जाएंगे, 800 यूनिट बिजली हर वर्ग को निशुल्क दी जाएगी, कृषि काम के लिए 10 रुपये सस्ता डीजल और ट्यूबवेल कनेक्शन किसानों को दिए जाएंगे।
हर व्यक्ति का 10 लाख का मेडिकल कार्ड बनाया जाएगा, 500 बेड वाले अस्पताल खोले जाएंगे, मेरिटोरियस स्कूल खुलेंगे। हर कॉलेज यूनिवर्सिटी में 33 फीसदी आरक्षण होगा, विदेश में पढ़ाई करने वाले बच्चों को 10 लाख का छात्र कार्ड बनाया जाएगा, पंजाब में लगने वाली हर बड़ी फैक्टरी में 75 फीसदी पंजाबी लोगों को रोजगार मिले, उसके लिए बाकायदा एक्ट लाया जाएगा, इसके अलावा सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी कोटा रखा जाएगा।