लुधियाना के टिब्बा रोड की मक्कड़ कालोनी स्थित कूड़े के डंप के बीचों बीच बनी एक झुग्गी में मंगलवार देर रात अचानक आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दंपती, उनकी चार बेटियां और एक बेटा शामिल है। हादसे का पता चलते ही फायर ब्रिगेड की टीम और थाना टिब्बा की पुलिस मौके पर पहुंची।
फायर ब्रिगेड की टीम ने जब तक आग पर काबू पाया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। महानगर की नवनियुक्त डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक भी अधिकारियों के साथ पहले मौके पर और बाद में सिविल अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने जांच का आदेश जारी किया। थाना टिब्बा की पुलिस ने सभी के कंकाल और शव निकालकर सिविल अस्पताल भेजे।
पूरे परिवार में एक ही युवक बचा है जो अपने दोस्त के घर सोने चला गया था। मृतकों में सुरेश साहनी (52), उसकी पत्नी अरुणा देवी (52), बेटी राखी (15), मनीषा (10), गीता (8), चंदा (5) और दो साल का बेटा सन्नी शामिल हैं। पुलिस इस मामले को संदिग्ध मान कर भी जांच करने में जुटी है कि कहीं आग किसी ने तो नहीं लगाई?
मृतक सुरेश साहनी के बेटे राजेश साहनी ने बताया कि वह मूलरूप से बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं। वे पिछले करीब 15 वर्षों से कूड़े के डंप के पास ही मक्कड़ कालोनी में अन्य प्रवासी लोगों के साथ झुग्गी में रह रहे हैं। राजेश ने बताया कि उसके पिता का कबाड़ का काम था। वह झुग्गी वालों से कबाड़ खरीदकर आगे बेचते थे। इससे ही घर का पालन पोषण होता था।
रोजाना की तरह देर रात को काम खत्म करने के बाद पूरे परिवार ने एक साथ खाना खाया और रात करीब 10 बजे परिवार सो गया। वह अपने दोस्त के घर सोने चला गया। देर रात करीब एक बजे अचानक से झुग्गी में आग लग गई। पहले तो किसी को कुछ पता नहीं चला लेकिन झुग्गी के अंदर सो रहे लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुन आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।
उन्होंने तुरंत शोर मचाया और आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया। आग ज्यादा होने की वजह से किसी की भी हिम्मत नहीं हुई कि वह आगे जाकर किसी को बचा सकें। फायर ब्रिगेड की टीम भी करीब 10 मिनट बाद वहां पहुंच गई।