सरदार ऊधम फिल्म को ऑस्कर अवॉर्ड-2022 के भारतीय नॉमिनेशन से फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की ज्यूरी द्वारा बाहर करने का मामला संसद भवन में उठेगा। अकाली दल के प्रवक्ता विन्नरजीत सिंह ने कहा कि उक्त मामला पार्टी अध्यक्ष और सांसद सुखबीर सिंह बादल, सांसद हरसिमरत कौर बादल के ध्यान में लाकर आग्रह करेंगे कि इसे संसद भवन में उठाएं। ज्यूरी का तर्क सीधे-सीधे शहीद की कुर्बानी का अपमान है। अंग्रेजों ने उस दौर में भारतीयों के साथ किस स्तर के अत्याचार किए थे, क्या ज्यूरी को इसकी जानकारी नहीं है। शहीदों की शहादतों की बदौलत सभी आजाद देश में सांस ले रहे हैं।
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अकाली दल हमेशा शहीदों के साथ
अकाली दल ने हमेशा शहीदों की सोच पर पहरा दिया है। उन्होंने मांग की कि शहीद ऊधम सिंह को राष्ट्रीय शहीद घोषित किया जाए। इस फिल्म को बॉलीवुड के प्रसिद्ध डायरेक्टर शूजीत सरकार ने बनाया है और अभिनेता विक्की कौशल ने अभिनय किया है। रविवार को शहीद ऊधम सिंह कंबोज यादगारी कमेटी के चेयरमैन केसर सिंह समेत कई लोग शहीद के पैदाइशी घर पहुंचे और फिल्म फेडरेशन व केंद्र सरकार के प्रति रोष जताया। लोगों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शहीदों के अपमान करने वाली इस भूल को नहीं सुधारा गया, तो शहीद की नगरी के लोग संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे।
पीएम मामले में दें दखल
शहीद के भांजे के बेटे जीत सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का अनावरण अमृतसर में किया था, लेकिन फिल्म फेडरेशन के तर्क ने सभी को विचलित कर दिया है। पीएम मोदी को इस मामले में दखल देना चाहिए। गदरी शहीद ऊधम सिंह मंच के राकेश कुमार ने फेडरेशन के तर्क की निंदा की है।
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शहीदों की कुर्बानियां नहीं भुला सकते
यादगारी कमेटी के चेयरमैन केसर सिंह, पूर्व नगर पार्षद प्रभशरण सिंह, रमनदीप राणा, हरिंदर सिंह खालसा, जसपाल सिंह ने कहा कि ज्यूरी द्वारा फिल्म में अंग्रेजों के प्रति घृणा का संदेश देने की दलील से सभी आहत हैं। यह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस मामले में दखल देकर लोगों की भावनाओं का सम्मान नहीं किया, तो तीखा संघर्ष किया जाएगा। शहीदों की कुर्बानियों के प्रति ऐसी सोच रखने वालों को तुरंत पदों से मुक्त किया जाए।