गांव मंसूरवाला में शराब फैक्टरी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पक्का धरना लगाकर बैठे किसानों को पुलिस ने हटा दिया है। तलवारें व लाठियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे 54 को भी जाम किया। पुलिस ने लाठियां भांज कर हाईवे को खाली करवाया। पुलिस ने 106 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 250 से ज्यादा लोगों को पुलिस उठाकर ले गई है। इन लोगों को अस्थायी जेलों में बंद किया गया है। हालांकि स्थिति तनावपूर्ण बनी है।
शराब फैक्टरी को हटाने के लिए पिछले पांच महीनों से आसपास गांव के लोग धरने पर बैठे हैं। किसानों ने एक धरना फैक्टरी के बाहर लगाया हुआ है, जबकि दूसरा डेढ़ किलोमीटर दूर जीटी रोड के पास। हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब सरकार ने धरना हटाने की कार्रवाई रविवार सुबह शुरू की। जीटी रोड के पास धरने में बैठे कई लोगों को उठाया।
टेंट को उखाड़कर भट्ठियां और राशन को भी जब्त कर लिया गया। इससे गुस्साए किसानों ने जीटी रोड को जाम कर दिया। पुलिस ने लाठियां भांज कर लोगों को खदेड़ा। इस दौरान कुछ ग्रामीण और पुलिसकर्मी भी घायल हुए। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस उनके बच्चों को भी उठाकर ले गई है। पुलिस ने किसान नेता बचित्तर सिंह, मुख्तियार सिंह, बलिहार सिंह, जसवीर सिंह, गुरनेक सिंह, मनप्रीत सिंह, छिंदर सिंह, लड्डू, जसविंदर सिंह निवासी गांव सोढ़ी वाला, राम सिंह, जोगराज सिंह समेत 106 प्रदर्शनकारियों (पुरुष व महिलाओं) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वहीं, फैक्टरी के बाहर मुख्य धरने पर किसानों ने अखंडपाठ रखा है। रविवार को भोग डाला गया है। फिलहाल मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार शाम आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चंडीगढ़ में बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया था। पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें उनके हितों की रक्षा करने का आश्वासन दिया और कहा कि इस संबंध में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों वाली विशेष समितियों का गठन किया जाएगा।
धरने की 24 घंटे निगरानी
जिलाधिकारी अमृत सिंह ने 27 दिसंबर तक धरना स्थल की 24 घंटे निगरानी के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। शनिवार शाम को पारित आदेश में विभिन्न विभागों के करीब एक दर्जन अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर आठ घंटे के रोस्टर पर लगाया गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न हो और धरनास्थल पर नजर रखी जा सके।
20 दिसंबर को सरकार को देना है जवाब
इस मामले में पंजाब सरकार को 20 दिसंबर को हाईकोर्ट में जवाब देना है। इससे पहले हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर फैक्टरी के सामने धरना हटाने का आदेश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरी से वायु प्रदूषण के अलावा क्षेत्र के कई गांवों में भूमिगत जल प्रदूषित हो रहा है।
प्रदर्शनकारी पुलिस की ड्यूटी में विघ्न डाल रहे थे। उन्होंने जीटी रोड पर भी जाम लगाया। इससे यातायात प्रभावित हुआ, जिस वजह से पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। फैक्टरी के आगे धरनास्थल पर श्री अखंडपाठ का भोग पड़ रहा है, वहां स्थिति शांतिपूर्ण है। कंवरदीप कौर, एसएसपी।