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Punjab: बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. राजबहादुर का इस्तीफा मंजूर, स्वास्थ्य मंत्री ने किया था अभद्र व्यवहा

Thu, 11 Aug 2022 05:06 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)

सार

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 29 जुलाई को बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान स्किन वार्ड के फटे व गंदे गद्दे देख वह भड़क गए। उन्होंने पास खड़े यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. राज बहादुर का हाथ पकड़कर बेड पर लिटा दिया था।
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डॉ. राज बहादुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार ने बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सरकार ने उनका इस्तीफा गुरुवार को राज्यपाल के पास भेज दिया। हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें मनाने की काफी कोशिश की थी लेकिन वह नहीं मानें। डॉ. राज बहादुर ने पिछले दिनों उस समय अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने गुरु नानक मेडिकल कॉलेज वाइस चांसलर को रिजर्व कैदी वार्ड के फटे और गंदे गद्दे पर जबरन लिटा दिया था। 

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मंत्री के व्यवहार से दुखी डॉ. राज बहादुर ने वीसी के पद से अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज दिया था। घटना के अगले ही दिन मुख्यमंत्री ने डॉ. राज बहादुर से इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया था। डॉ. राज बहादुर के अनुसार, उस समय मुख्यमंत्री ने इस घटना के लिए उनसे मौखिक तौर पर माफी भी मांगी थी लेकिन डॉ. राज बहादुर ने इस्तीफा वापस लेने से इनकार कर दिया था। उधर, इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य मंत्री ने आज तक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।

मंत्री को बचाने के लिए काबिल डॉक्टर की बलि दी: अश्वनी शर्मा
पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने डॉ. राज बहादुर के इस्तीफा प्रकरण में सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि भगवंत मान सरकार ने अपने मंत्री को बचाने के लिए एक होनहार डॉक्टर की बलि दी है। यहां जारी बयान में अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार नौसिखियों की सरकार है। 
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इन लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ न तो बात करने का सलीका है और ना ही पता है कि ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों से कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए। अगर मान सरकार के नेताओं का यही हाल रहा तो बहुत जल्द पंजाब के सभी विभाग बिना प्रशासनिक अधिकारियों के चलाने पड़ेंगे और ऐसी स्थिति में पंजाब का क्या हाल होगा यह सोच कर भी डर लगता है।

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