बटाला के एसडीएम अस्पताल पहुंचे बच्चों का हाल जानने
अस्पताल में बच्चों का हाल जानने पहुंचे बटाला के एसडीएम राम सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच पड़ताल की जाएगी कि यह हादसा कैसे हुआ। इसके बाद जांच में जो सामने आएगा,उसके अनुसार ही बनती कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने आगे बताया कि जो बसें सेफ स्कूल वाहन स्कीम आधीन नही चल रहीं,उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहना है बस चालक जगप्रीत सिंह का
इस हादसे के बारे में चालक जगप्रीत सिंह ने बताया कि जब वह बस लेकर जा रहा था तो खेतों में नाड़ में आग लगी हुई थी और गहरा धुंआ था। एक दम से हवा का तेज झोका आया। अचानक धुंआ बस में भर गया। इसी दौरान बच्चे चिल्लाने लगे तो एक बच्चा उस पर गिर गया। एक दम से बस खेत में पलट गई। सभी बच्चों के बाहर निकलने के बाद बस को आग लग गई। बच्चों को बाहर निकालने में गांव के लोगों ने उसकी मदद की।
क्या कहना है एसएचओ थाना किला लाल सिंह का
इस संबंध में थाना किला लाल सिंह के एसएचओ सुखइंदर सिंह ने बताया कि गलती दोनों ही पक्षों की है। पहले तो गलती ड्राइवर की है जिसने इतना धुंआ और आग को देखते हुए अपनी बस आगे निकालने का प्रयास किया। दूसरी गलती खेत मालिक की है जिसने अपने खेत की नाड़ में आग लगाई। एसएचओ ने बताया कि थाना किला लाल सिंह में बस चालक और खेत मालिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
गेहूं के खेत में स्कूल बस में लगी आग की घटना की होगी जांच
गुरदासपुर जिले के अंतर्गत गेहूं के खेत में फंसी स्कूली बस में लगी आग की पंजाब सरकार जांच कराएगी। शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इस मामले की जांच के लिए गुरदासपुर के डीसी को निर्देश दिए हैं। उन्होंने जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर पूरी करने की हिदायत दी है। इस घटना में बस में सवार सात बच्चे झुलस गए हैं। यह घटना किला लाल सिंह थाना क्षेत्र की है। बिजलीवाल गांव के गुरु हर राय पब्लिक स्कूल की बस 32 बच्चों को लेकर जा रही थी, तभी वह गेहूं के खेत में पलट गई। घटना बुधवार को दोपहर में स्कूल खुलने के बाद की है। इस दौरान बस से डीजल का रिसाव हो गया और गेहूं की पराली से आग पकड़ ली। आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को बचाने लगे। इसके बाद भी बस में सवार सात बच्चे झुलस गए। डीसी इश्फाक ने बताया कि उन्होंने जिला रेड क्रॉस को बच्चों के इलाज का खर्च वहन करने का आदेश दिया है। उन्हें बटाला सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें खतरे से बाहर घोषित कर दिया गया है।