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फिरोजपुर-अमृतसर रेल ट्रैक: 121 एकड़ जमीन के लिए जारी नोटिस पर भड़के किसान, मार्केट से चार गुणा ज्यादा दाम देने की मांग  

Sat, 30 Apr 2022 05:20 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)

सार

किसानों का कहना है कि धुस्सी बांध के अंदरूनी साइड जमीन का डीसी रेट तीन लाख 53 हजार रुपये है, जबकि धुस्सी बांध से बाहर की जमीन का डीसी रेट चार लाख 58 हजार रुपये के करीब है। सरकार उन्हें डीसी रेट से दो गुणा दाम दे रही है।
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रेल ट्रैक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजपुर-अमृतसर के बीच रेल पटरी बिछाई जानी है, इसके लिए पंजाब सरकार ने जिले के गांव कुतबद्दीन, दुल्ला सिंह वाला व कालेके हिठाड़ की 121 एकड़ जमीन लेनी है। इस संबंधी किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। उक्त नोटिस मिलने के बाद किसानों का कहना है कि सरकार उन्हें मार्केट रेट से चार गुणा ज्यादा जमीनों के दाम दे। सरकार उन्हें डीसी रेट से दो गुणा ज्यादा दाम दे रही है। जिससे किसान खुश नहीं है।

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किसानों का कहना है कि जमीन उनके बुजुर्गों की है, इसी से उनके परिवार का पालन-पोषण चलता है। उल्लेखनीय है कि ये प्रोजेक्ट बहुत पुराना है, पट्टी साइड से रेलवे को जमीन लगभग मिल चुकी है, सिर्फ फिरोजपुर जिले की साइड से अभी तक पंजाब सरकार रेलवे को जमीन नहीं दिलवा सकी है।

किसान रविंदर सिंह वासी गांव कुतबद्दीन ने कहा कि फिरोजपुर-अमृतसर के बीच रेल पटरी बिछाई जा रही है। गांव कुतबद्दीन, दुल्ला सिंह वाला व कालेके हिठाड़ की लगभग 121 एकड़ जमीन रेलवे को चाहिए। इसके लिए पंजाब सरकार ने किसानों को नोटिस जारी किया है। किसानों का कहना है कि लगभग चालीस घर हैं जो उक्त जमीन के बीच में आते हैं। धुस्सी बांध के अंदरूनी साइड जमीन का डीसी रेट तीन लाख 53 हजार रुपये है, जबकि धुस्सी बांध से बाहर की जमीन का डीसी रेट चार लाख 58 हजार रुपये के करीब है। सरकार उन्हें डीसी रेट से दो गुणा दाम दे रही है। किसानों की मांग है कि मार्केट रेट बीस से 25 लाख रुपये चल रहा है, इसके मुताबिक सरकार उन्हें चार गुणा दाम दे।  

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मल्लांवाला से घड़ियाला के बीच बिछेगा 25.7 किमी लंबा रेलवे ट्रैक 

मल्लांवाला और घड़ियाला के बीच 25.7 किमी लंबी रेल पटरी बिछने का कार्य शुरू हो चुका है। इसके बनते ही फिरोजपुर और अमृतसर आपस में जुड़ जाएंगे। अभी तक लोगों को ट्रेन के माध्यम से वाया जालंधर होकर अमृतसर का लगभग 185 किमी का सफर तय करना पड़ता है। नई रेल पटरी बिछने से ये दूरी महज 85 किमी के करीब रह जाएगी। यही नहीं राजस्थान सीधा जम्मू-कश्मीर से जुड़ जाएगा।

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2004 में रेलवे ने मल्लांवाला-घड़ियाला के बीच रेल पटरी बिछाने के सर्वे की अनुमति दी थी। जिला तरनतारन ने अपने हिस्से की 95.65 हेक्टेयर जमीन खरीद कर रेलवे को सौंप दी थी। जिला फिरोजपुर अपने हिस्से की 70.01 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण कर रेलवे को सौंपने जा रहा है। उक्त जमीन फिरोजपुर के गांव मल्लांवाला, दुल्ला सिंह वाला, कुत्तबदीन व कालेके हिठाड़ से अधिग्रहित की जानी है। 

इस प्रोजेक्ट में कई रुकावटें आई हैं लेकिन ये प्रोजेक्ट फिरोजपुर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। हालांकि अब किसान अपनी जमीन के लिए मार्केट दाम से चार गुणा मांग रहे हैं। ये पंजाब सरकार के लिए मुसीबत खड़ी करेगा। रेल पटरी के बनने से राजस्थान और जम्मू-कश्मीर सीधे जुड़ेंगे और रोजगार के साधन बढ़ेंगे। इस ट्रैक के बनने से फिरोजपुर और अमृतसर की दूरी लगभग 85 किमी. रह जाएगी। 

वर्ष 2017 में उक्त प्रोजेक्ट के लिए रेलवे ने 299.74 करोड़ रुपये का बजट रखा था लेकिन अब ये कई गुणा बढ़ चुका है। तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने उक्त ट्रैक के सर्वे की अनुमति दी थी। उसके बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। फिर रेल मंत्री पवन बंसल ने उक्त ट्रैक बिछाने की हरी झंडी दी। इसके बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जमीन अधिग्रहण संबंधी पत्र लिखा तो जिला तरनतारन व फिरोजपुर में जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू हुआ है।
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