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सभी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद, जीत के प्रति हर सियासी दल आश्वस्त

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राजपुरा। विधानसभा चुनाव राजपुरा के लिए हुई वोटिंग के बाद सभी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद हो गया जो दस मार्च को खुलेगा। वैसे तो राजपुरा से दस उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबला चार पर्टियों के उम्मीदवार भाजपा के जगदीश जगा, कांग्रेस से हरदियाल कंबोज, आम आदमी पार्टी से नीना मित्तल और अकाली-बसपा से चरनजीत सिंह बराड़ के बीच है।
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सभी प्रमुख पर्टियों के समर्थकों की ओर से अपनी-अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैँ। इतना ही नहीं बहुत ही कम समय रहने के बाद चुनाव मैदान में उतरे भाजपा प्रत्याशी जगदीश जगा ने दिन-रात किए प्रचार से अपनी पकड़ मजबूत बना ली है। जिसके चलते विरोधी पर्टियों में निराशा है। इसके बाद चारों पर्टियों के नेता अपनी जीत के लिए आश्वस्त हैं और अपनी सीट पक्की मानकर कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रहे हैं। एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाईयां दे रहे हैं। इन चुनावों में जहां कांग्रेस, आप व अकाली दल गांवों से बंपर वोट मिलने की आस लगाए बैठे हैं। भाजपा के जगदीश जगा शहरी वोटरों में आधे से ज्यादा वोट अपने पक्ष में होने की बात कह रहे हैं। इसके अलावा डेरा सच्चा सौदा की वोट उन्हें जीत के द्वार तक पहुंचा सकती है।
लोकल उम्मीदवार का फायदा मिल सकता है भाजपा को
एक लाख 82 हजार 238 वोटरों में से राजपुरा में एक लाख 36 हजार 345 वोटरों ने अपनी वोट का इस्तेमाल किया। इनमें आधे वोट ग्रामीण व आधे वोट शहरी क्षेत्र से पोल हुए हैं। शहरी क्षेत्र के दम पर इस सीट से राज खुराना तीन बार जीत दर्ज करवा चुके हैं पर 2017 में उनके निधन के बाद पार्टी ने भाजपा से हरजीत ग्रेवाल को चुनाव मैदान में उतारा था बाहरी होने के चलते वह बुरी तरह हार गए और कांग्रेस प्रत्याशी हरदियाल कंबोज ने जीत दर्ज की थी। पार्टी ने इस बार लोकल उम्मीदवार जगदीश जगा को चुनाव मैदान में उतारा लोकल उम्मीदवार होने के चलते जगा लोगों की पहली पसंद बनकर उभरे और उनके प्रचार ने विरोधियों की नींद उड़ा दी। राजपुरा सीट से चुनाव लडने वाले कांग्रेस के हरदियाल कंबोज पटियाला, नीना मित्तल दिल्ली और चरनजीत बराड़ मुक्तसर के रहने वाले हैं। सभी बाहरी उम्मीदवारों के होने का फायदा भी भाजपा के जगा को शहरी और ग्रामीण इलाकों में मिलने की संभावना जताई जा रही है। राजपुरा सीट से अकाली-बसपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी का प्रचार लगातार छह महीनों से चलता रहा है।
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