पीयू वीसी प्रो.अरविंद और विधायक मदनलाल जलालपुर।
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर अरविंद को पूरे मीडिया के सामने और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की हाजिरी में आरएसएस का कहना घन्नौर से कांग्रेसी विधायक मदन लाल जलालपुर को महंगा पड़ सकता है। वीसी ने विधायक जलालपुर को लीगल नोटिस भेजा है। इसमें विधायक जलालपुर को कहा गया है कि वह 15 दिनों के अंदर सार्वजनिक तौर पर वीसी से माफी मांगें वरना उनके खिलाफ 20 करोड़ की मानहानि का दावा ठोका जाएगा।
अमर उजाला से बात करते हुए वीसी प्रो. अरविंद ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइंटिस्ट हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक जलालपुर ने उनके खिलाफ बिना तथ्यों के बेहद गलत शब्दावली का इस्तेमाल किया। वीसी प्रो. अरविंद ने कहा कि उनका सिलेक्शन मेरिट के आधार पर किया गया है और उनका किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। इसलिए उन्होंने अपने वकील के जरिये विधायक जलालपुर को लीगल नोटिस भेजा है। जिसमें जलालपुर को 15 दिनों के अंदर लिखित में या सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा गया है। वर्ना जलालपुर के खिलाफ 20 करोड़ की मानहानि का दावा ठोका जाएगा। वहीं बार-बार संपर्क करने पर भी विधायक जलालपुर ने बात नहीं की।
पंजाबी यूनिवर्सिटी अध्यापक संघ ने की थी कार्रवाई की मांग
गौरतलब है कि हाल ही में पंजाबी यूनिवर्सिटी में सीएम चन्नी और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का समागम था। इस मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सीएम चन्नी ने विधायक जलालपुर को मंच पर आने को कहा, तो जलालपुर ने कहा कि वह वीसी प्रोफेसर अरविंद के साथ नहीं बैठेंगे, क्योंकि वह आरएसएस के हैं। जलालपुर ने आरोप लगाया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आरएसएस के कहने पर ही उनकी बतौर वीसी नियुक्ति की थी। उधर पंजाबी यूनिवर्सिटी अध्यापक संघ ने भी इस घटना को लेकर विधायक जलालपुर की निंदा करते चन्नी से कार्रवाई की मांग की थी।