पटियाला। पंजाब के विभिन्न जिलों में शुक्रवार से रुक-रुककर पड़ रही बारिश से बिजली की मांग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले तक भीषण गर्मी व धान के सीजन के कारण प्रदेश में बिजली की मांग ने 12800 मेगावाट का बड़ा आंकड़ा छू लिया था। शनिवार को 1624 मेगावाट की कमी के साथ बिजली की मांग 11176 मेगावाट रही। इससे पावरकॉम ने राहत की सांस ली।
जबकि माना जा रहा था कि पंजाब में धान सीजन के शुरू होने के बाद बिजली की मांग 15900 मेगावाट के रिकार्ड स्तर पर पहुंच सकती है। इसके मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 15100 मेगावाट है। ऐसे में धान सीजन में उपभोक्ताओं के लंबे-लंबे कटों से दो-चार होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन फिलहाल इस बारिश ने बिजली की मांग कम कर दी है। गर्मी कम होने से लोगों को तो राहत मिली ही है, वहीं पावरकॉम की चिंता भी फिलहाल दूर हो गई है।
24 घंटे में 116352 शिकायतें पेंडिंग
बारिश के कारण बिजली सप्लाई में फाल्ट के कारण प्रदेश भर में खपतकारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पंजाब के विभिन्न इलाकों से पावरकॉम को शनिवार को 47061 शिकायतें खबर लिखे जाने तक प्राप्त हो चुकी थीं। बड़ी बात यह है कि पिछले 24 घंटे से 116352 शिकायतें पावरकॉम के पास पेंडिंग पड़ी हैं, जिनका निपटारा नहीं हो सका था। शनिवार को पावरकॉम को सबसे अधिक 4120 शिकायतें लुधियाना से मिलीं।
कोयले का स्टॉक कम
शनिवार को रोपड़ की एक, लहरा मुहब्बत की दो और गोइंदवाल की एक यूनिट बंद रहीं। इनमें से लहरा मुहब्बत की एक यूनिट को कम मांग के कारण कोयला बचाने को बंद किया गया है। बाकी तीन यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं। शनिवार को पावरकॉम को रोपड़ व लहरा थर्मलों से 822 मेगावाट, प्राइवेट थर्मलों से 3302 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 576 मेगावाट समेत अन्य स्रोतों से कुल 4974 मेगावाट बिजली हासिल हुई। कम मांग के बावजूद पावरकॉम ने शनिवार को भी बाहर से 6500 मेगावाट के करीब बिजली बाहर से साढ़े 7 रुपये यूनिट के हिसाब से खरीदी। उधर, थर्मलों में कोयले के स्टाक में कोई अधिक सुधार नहीं है। रोपड़ में 14, लहरा मुहब्बत में 13, तलवंडी साबो में पांच, राजपुरा में 21 और गोइंदवाल में डेढ़ दिनों का कोयला शेष है।