पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को एक बार फिर से बादलों और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट किया कि प्रदेश को दिल्ली मॉडल की नहीं, बल्कि पंजाब मॉडल की जरूरत है। नीति पर काम न करने वाली राजनीति महज नकारात्मक प्रचार है और लोकपक्षीय एजेंडे से वंचित नेता राजनीति सिर्फ बिजनेस के लिए करते हैं। इसलिए विकास बगैर राजनीति उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है।
वह दोबारा जोर देकर कह रहे हैं कि पंजाब के विकास के लिए पंजाब मॉडल की जरूरत है। वह बादलों पर दूरदर्शी न होने का आरोप नहीं लगा रहे, क्योंकि वह जानते हैं कि दूरदृष्टि तो उनके पास है ही नहीं। बादलों ने गलत बिजली खरीद समझौते करके पंजाब को थर्मल बिजली प्लांटों से उत्पादित बिजली के साथ बांध कर रख दिया, जिसके लिए हम दशकों तक बड़ी कीमत चुकाते रहेंगे।
सिद्धू ने लिखा कि दिल्ली मॉडल नहीं, दिल्ली अपनी बिजली खुद पैदा नहीं करती और इसका वितरण रिलायंस व टाटा के हाथों में है। जबकि पंजाब अपनी 25 प्रतिशत बिजली खुद पैदा करता है और बिजली पूर्ति पावरकॉम के जरिये करके हजारों लोगों को रोजगार भी देता है।
सिद्धू ने लिखा कि अब जरूरी सवाल है कि क्या पंजाब का बिजली मंत्री इस संबंध में कुछ कर सकता है। एक प्रतिशत भी नहीं। क्योंकि फैसला लेने के सारे अधिकार पंजाब राज्य बिजली रेगुलेटरी कमीशन के पास हैं, जो मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर रिपोर्ट करता है।