पटियाला के कस्बा सन्नौर में कांग्रेसी कार्यकर्ता पर कुछ लोगों की ओर से रॉड और तलवारों के साथ जानलेवा हमला करके उसे घायल करने का मामला तूल पकड़ गया है। शनिवार को पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू अपने समर्थकों के साथ गांव जुल्कां के रहने वाले घायल कांग्रेसी कार्यकर्ता के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार वालों को जल्द इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। सिद्धू ने इस मौके फोन पर पटियाला के नए एसएसपी नानक सिंह से बात करके मामले में नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इस मौके माहौल उस समय गर्मा गया जब सिद्धू मौके पर मौजूद एक डीएसपी के साथ उलझ पड़े।
सिद्धू ने इस मौके मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। चलते मैचों में पहलवानों की हत्याएं हो रही हैं। आए दिन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। आगे कहा कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, ऐसे में यहां की कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखना पुलिस प्रशासन की ड्यूटी है। लेकिन लग रहा है कि जैसे अपराधियों में अब कानून का डर ही नहीं रहा है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में कानून सोया पड़ा है, इसे जगाने की जरूरत है। उन्होंने गांव जुल्कां के कांग्रेसी कार्यकर्ता पर हमले में केवल दो आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी होने पर रोष जताते तुरंत बाकी को जल्द काबू किए जाने की मांग की। सिद्धू ने चेतावनी देते हुए कहा कि छोटी सी चिंगारी पूरे जंगल को राख कर देती है। अगर सरकार जल्द न चेती, तो वह इस मुद्दे को बड़ा बना देंगे।
गौरतलब है कि जसविंदर सिंह निवासी गांव जुल्कां के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर 29 मार्च को कुछ लोगों रॉड व तलवारों के साथ हमला कर दिया था। जिस दौरान वह घायल हो गया था। पुलिस ने फिलहाल मामले में बंत सिंह, गुरजंट सिंह, दिलबर सिंह, साहब सिंह, राजू सभी निवासी गांव ब्रहमपुरा, जोबन सिंह निवासी गांव हाजीपुर, लखविंदर सिंह निवासी गांव चूलड़ को नामजद कर लिया है। जिनमें से बंत सिंह व गुरजंट सिंह की ही गिरफ्तारी हो सकी है।