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इस बार आसान नहीं राह: प्रचार करने जा रहे नेताओं को झेलना पड़ रहा विरोध, विकास व रोजगार के मुद्दों पर घेर रहे लोग

Sat, 12 Feb 2022 10:37 AM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत समेत पिता की सियासी विरासत आगे बढ़ाने के लिए चुनाव मैदान में उतरे लाडलों को प्रचार के दौरान जनता के गुस्से और उनके विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह, मोहित मोहिंद्रा, हैरी मान, साधु सिंह धर्मसोत और राजिंदर सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत समेत पिता की सियासी विरासत आगे बढ़ाने के लिए चुनाव मैदान में उतरे लाडलों को प्रचार के दौरान जनता के गुस्से और उनके विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसे वह विरोधियों की ओर से उन्हें बदनाम करने की साजिश बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ दावा करते हैं कि पंजाब में उनकी सरकार के बनने पर व्यापक स्तर पर विकास कराया जाएगा और रोजगार के मौके पैदा किए जाएंगे।

कैप्टन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में विरोध

पटियाला में अपने दौरे के दौरान हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहुंचे एक व्यक्ति के गुस्से का सामना करना पड़ा था। इस व्यक्ति ने कहा कि उसने पिछले चुनाव में कैप्टन को वोट दिया था, इस बार वह उनको वोट क्यों दे। कोविड काल के दौरान स्कूलों द्वारा फीसें मांगने के विरोध में शांतिमय ढंग से मार्च निकालने पर जिला प्रशासन ने उनके व उनके साथियों के खिलाफ पर्चा दर्ज कर लिया। व्यक्ति ने कहा कि उसने कई बार स्थानीय कांग्रेसी नेताओं से मिलकर मामले में इंसाफ दिलाने की अपील की, लेकिन कुछ नहीं किया गया। इसके जवाब में कैप्टन ने उसे इंसाफ दिलाने का वादा किया था। 

ब्रह्म मोहिंदरा के बेटे के खिलाफ नारेबाजी

कैबिनेट मंत्री ब्रहम मोहिंद्रा के बेटे मोहित मोहिंद्रा पहली बार अपने ही पिता के हलके पटियाला देहाती से किस्मत आजमा रहे हैं। उन्हें नाभा के गांवों इच्छेवाल और रोहटी मौड़ां में गांवों में विकास कार्य न कराने के चलते लोगों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। इच्छेवाल में लोगों ने उनके काफिले को देखते ही नारेबाजी शुरू कर दी, रोहटी मौड़ां में गांव वासियों ने मोहित मोहिंद्रा के समागम में पहुंचकर उनसे तीखे सवाल पूछे। जवाब में जब मोहित मोहिंद्रा ने कहा कि सरकार बनी तो गांव के छप्पड़ की सफाई समेत बाकी सारे विकास कार्य करा देंगे तो भड़के लोगों ने कहा कि पिछले पांच साल में कुछ हुआ नहीं। अब क्या गारंटी है। 

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पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन व पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह के बेटे राजिंदर सिंह को चुनाव प्रचार के दौरान गांवों में लोगों ने विकास को लेकर घेरा और सवाल-जवाब किए हैं। राजिंदर सिंह समाना हलके से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। उधर नाभा हलके से कांग्रेस की टिकट पर एक बार फिर से खड़े पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को भादसों के गांव रायमल माजरी में विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने उन्हें बच्चों के स्कॉलरशिप घोटाले को लेकर कटघरे में खड़ा करते ही नारेबाजी शुरू कर दी।

सन्नौर हलके से कांग्रेस प्रत्याशी हरिंदरपाल सिंह हैरी मान के बेटे रिंकी मान को बहादुरगढ़ में डोर टू डोर कैंपेन दौरान एक युवती ऊषा के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। युवती ने कहा कि कस्बे में उसके समेत कईं युवा हैं, जो काफी पढ़े-लिखे हैं। कैप्टन सरकार ने वादा किया था कि घर-घर नौकरी देंगे। किसी को नौकरी नहीं मिली। कस्बे का विकास नहीं हुआ। फिर वह उनको क्यों वोट दें।

किसान आंदोलन ने लोगों को किया जागरूक व एकजुट-डॉ. सेखों

श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस विभाग से रिटायर डॉ. जगरूप सिंह सेखों के मुताबिक किसान आंदोलन ने जहां पहले की तुलना में लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, वहीं उनमें एकजुटता आई है। लोगों को अब लगता है कि अगर एक साथ लड़ा जाए, तो सिस्टम में बदलाव संभव है। इसके साथ पंजाब के लोग अब इन परंपरागत पार्टियों से तंग आ चुके हैं। इससे लोगों में नाराजगी है। लोग यह मानते हैं कि इन पार्टियों ने पंजाब की जनता को लूटा है। माफिया राज की जड़ भी यहीं हैं। अपनी सारी मुश्किलों का कारण वह इन पार्टियों को मानते हैं। इसलिए पंजाब की जनता अब बदलाव चाह रही है।

वोट देने से इनकार

चुनाव प्रचार के बीच सामने आ रहे इन हालात के बीच 'निराश' गन्ना किसानों ने वोट देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि किसानों को लेकर कोई सरकार गंभीर नहीं है। 

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