फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: बारिश में 98 फीसदी की कमी से गहराया बिजली संकट, थर्मलों के छह यूनिट बंद होने से सप्लाई पर असर

Sat, 09 Sep 2023 01:28 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पावरकॉम के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां ने कहा कि पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं है। सूखे की इस स्थिति में भी मांग पूरा की जा रही है। मांग ज्यादा होने के कारण किसानों को कम बिजली मिल रही है।
विज्ञापन
पटियाला में बरसात - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में सितंबर में अब तक 98 फीसदी कम बारिश के चलते बनी सूखे की स्थिति के बीच शुक्रवार को सरकारी और निजी थर्मलों के छह यूनिट बंद पड़ गए। इससे कुल 1770 मेगावाट बिजली सप्लाई ठप रहने से पावरकॉम के लिए मुश्किलें पैदा हो गईं। ऐसे में दिए भरोसे के बावजूद पावरकॉम शुक्रवार को किसानों को मुश्किल से दिन में केवल तीन घंटे बिजली ही दे सका, जबकि वादा आठ घंटे बिजली सप्लाई का है। हालांकि देर शाम रोपड़ थर्मल प्लांट के बंद पड़े तीन यूनिटों में से दो यूनिट चालू हो गए थे। बाकी यूनिटों के अगले दो-तीन दिनों में चालू होने की संभावना जताई जा रही है।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Jalandhar: सीएम भगवंत मान ने 560 सब इंस्पेक्टरों को बांटे नियुक्ति पत्र, कहा-अब बिना सिफारिश मिलती है नौकरी

सरकारी क्षेत्र के रोपड़ थर्मल प्लांट के 210-210 मेगावाट के तीन यूनिट, तलवंडी साबो का 660 मेगावाट का एक यूनिट और 270 मेगावाट की क्षमता का गोइंदवाल थर्मल का एक यूनिट शुक्रवार सुबह बंद पड़ गया। लहरा मुहब्बत थर्मल का एक यूनिट बीते साल से ही तकनीकी खराबी के चलते बंद है। जानकारी के मुताबिक रोपड़ के यूनिट तकनीकी खराबी के कारण ट्रिप हो गए थे, वहीं तलवंडी का यूनिट ब्वायलर ट्यूब में लीकेज के चलते व गोइंदवाल का यूनिट कोयले की कमी से बंद हैं। 
विज्ञापन


उमस भरी गर्मी में परेशान हुए लोग
इन यूनिटों के बंद पड़ने से कुल 1770 मेगावाट का बिजली उत्पादन बंद हो गया। इन दिनों उमस भरी गर्मी के चलते पहले ही बिजली की मांग साढ़े 14 हजार मेगावाट के पार चल रही है। शुक्रवार को भी बिजली की अधिकतम मांग 14502 मेगावाट दर्ज की गई। ऐसे में एक साथ छह यूनिटों के बंद पड़ने से किसानों को शुक्रवार को केवल तीन घंटे बिजली मिल सकी। शहरों में भी बिजली सप्लाई करीब डेढ़ से दो घंटे प्रभावित रही।
विज्ञापन


इन दिनों बिजली की मांग देश भर में ज्यादा होने के कारण बाहर से बिजली महंगी मिल रही है। पावरकॉम के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां ने कहा कि पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं है। सूखे की इस स्थिति में भी मांग पूरा की जा रही है। मांग ज्यादा होने के कारण किसानों को कम बिजली मिल रही है, लेकिन जल्द ही बाकी बंद पड़े यूनिटों के चालू होने से यह मुश्किल भी खत्म हो जाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें