मोहाली। पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को घेरने में विजिलेंस एक बार फिर नाकाम रही। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद जांच में सहयोग करने पहुंचे सुमेध सैनी को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया था। सैनी की गिरफ्तारी के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। वहीं, अदालत के फैसले ने सभी कयासों पर लगाम लगा दिया।
पंजाब विजिलेंस आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व डीजीपी सैनी को लंबे समय से गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी। चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित कोठी पर भी दबिश दी गई थी। उसके बाद से सैनी भूमिगत हो गए थे। सैनी ने अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी, जिसे रद्द करते हुए सैनी को जांच में सहयोग करने के लिए कहा था। इसके बाद सैनी बुधवार शाम 8 बजे मोहाली के सेक्टर-68 स्थित विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर पहुंचे। जहां उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
सैनी की गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी पत्नी शोभा सैनी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई चल रही थी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जस्टिस आनंद त्यागी ने इस मामले पर सुनवाई की। आपस में जुड़े दोनों मामलों पर एक साथ सुनवाई के चलते सैनी को जमानत के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
शाम 5 बजे के बाद शुरू हुई सुनवाई
वीरवार को सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मोहाली जिला अदालत परिसर में विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। मीडिया कर्मियों तक को अदालत परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। पूर्व डीजीपी के मामले की सुनवाई शाम 5 बजे के बाद शुरू हुई। करीब ढाई घंटे चली सुनवाई के दौरान पूर्व डीजीपी के अधिवक्ताओं ने उनका पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सैनी की जमानत याचिका मंजूर कर ली। हालांकि, देर रात तक फैसला न लिखे जा पाने के कारण सुमेध सैनी रात 9 बजे तक अदालत में ही थे। सुनवाई में देरी की वजह से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें पूर्व डीजीपी की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी।
हवालात में जमीन पर करवटें बदलते बीती रात
सफेद कमीज और काली पैंट में सुमेध सैनी ने बुधवार की रात जमीन पर करवटें बदलते हुए बिताई। गिरफ्तारी के बाद सैनी सेक्टर-68 के विजिलेंस दफ्तर के हवालात में रहे। गिरफ्तारी के समय सैनी के अधिवक्ता भी उनके साथ थे। काफी समय तक सैनी ने अपने वकीलों से विचार-विमर्श किया। वकीलों के जाने के बाद सैनी हवालात में बेचैनी से टहलते रहे। देर रात वह हवालात में जमीन पर ही लेट गए। जमीन पर लेटे पूर्व डीजीपी की रात करवटें बदलते हुए बीती।
सुबह दिखे उत्साहित, बोले गुडमार्निंग
रात भर जमीन पर करवटें बदलने के बाद पूर्व डीजीपी सैनी सुबह विश्वास से भरे हुए नजर आए। सुबह मिलने वालों को उन्होंने गुड मार्निंग कह कर अभिवादन किया। सफेद कुर्ते-पायजामे में पूर्व डीजीपी अदालत के लिए रवाना हुए। अदालत पहुंचते ही वह गर्मजोशी से अपने वकीलों से मिले। उनके साथ चर्चा करते हुए पूर्व डीजीपी अदालत परिसर में 12.30 बजे दाखिल हुए। जमानत मिलने के बाद घर के लिए रवाना हुए सैनी के चेहरे पर थकान साफ देखी जा सकती थी।
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अदालत के रास्ते में भी रही कड़ी सुरक्षा
विजिलेंस की सफेद इनोवा में अधिकारियों के साथ पूर्व डीजीपी करीब 12 बजे अदालत के लिए निकले। उनकी सफेद इनोवा के आगे एक एसपी व एक डीएसपी स्तर के अधिकारियों की गाड़ियां चल रही थीं। अदालत तक आने वाले रास्ते पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। देर रात जब तक सैनी अदालत परिसर में रहे सुरक्षा बलों ने किसी को भी परिसर के भीतर नहीं जाने दिया। अदालत की ओर से पर्सनल बांड पर रिहा करने का आश्वासन दिए जाने के बाद सैनी की निजी कार अदालत परिसर में पहुंच गई। सफेद सरकारी इनोवा में आए सैनी अदालत से ग्रे रंग की अपनी इनोवा क्रिस्टा में घर गए।