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पंजाब के सबसे बड़े विधानसभा हलके खरड़ में नेताओं की अग्नि परीक्षा

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खरड़/नयागांव। पंजाब के सबसे बड़े विधानसभा हलका खरड़ के चुनावी दंगल में इस बार सभी राजनीतिक पार्टियों की अग्नि परीक्षा होगी। क्योंकि एक तो जिले के तीनों हलकों में सबसे ज्यादा 17 उम्मीदवार अकेले खरड़ हलके में हैं। दूसरा भाजपा और किसानों की पार्टी संयुक्त समाज पार्टी भी अलग से चुनाव मैदान में है। इसके अलावा कुछ दलों के लिए अपने ही बागी चल रहे नेता चुनौती बन रहे हैं। ऐसे में किस पार्टी के नेता की लॉटरी निकलेगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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अकाली दल को करनी पड़ रही है मेहनत
शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार रणजीत सिंह गिल हलके में पिछले 5 साल से सक्रिय हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने अच्छे काम किए हैं। इसके अलावा उनका इलाके में अच्छा रसूख है। वह नामी रियल एस्टेट कारोबारी भी हैं। हालांकि उन्हें शिरोमणि अकाली दल से अलग होकर चुनावी मैदान में उतरी भारतीय जनता पार्टी शहरी एरिया में चुनौती दे रही है। क्योंकि इस एरिया में हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान से आकर लोग बसे हुए हैं। इस वोट बैंक को भाजपा अपना आधार मानती है। इसके अलावा किसान मोर्चा के चुनाव मैदान में आने से भी ग्रामीण इलाकों में उन्हें अपने वोट बैंक को बचाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
कांग्रेस को अपनों से ही बना खतरा
कांग्रेस के उम्मीदवार विजय शर्मा टिंकू रोपड़ कांग्रेस के अध्यक्ष के साथ-साथ जिला योजना कमेटी मोहाली के चेयरमैन रह चुके हैं। खरड़ विधानसभा हलके के कुराली क्षेत्र में उनकी पकड़ अच्छी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गृह हलका होने का कांग्रेस के उम्मीदवार को फायदा मिलेगा। लेकिन चुनाव से कुछ समय पहले ही टिकट मिलने के कारण उन्हें चुनाव प्रचार का समय बहुत ही कम मिला है। उन्हें टिकट मिलने से कई नेता बागी हो गए या उन्होंने अन्य पार्टियों का दामन थाम लिया है। इस वजह से उन्हें भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इनमें जगमोहन सिंह कंग कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हो गए हैं, जबकि जसविंदर सिंह जस्सी आजाद और कांग्रेस के पुराने नेता परमदीप सिंह बैदवान संयुक्त समाज मोर्चे के उम्मीदवार हैं।
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आप उम्मीदवार पर बाहरी होने का उठ रहा सवाल
आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार अनमोल गगन मान पंजाबी गायिका है। उनको दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की साफ-सुथरी छवि का फायदा मिलने का अनुमान है। लेकिन विधानसभा चुनाव-2017 में लोगों ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कंवर संधू को वोट देकर जिताया था। लेकिन जीत के बाद वह हलके में सक्रिय नहीं थे। हालांकि विधानसभा में उन्होंने लोगों के मुद्दे जरूर उठाए हैं, लेकिन लोगों का मानना है कि आम आदमी पार्टी के विधायक की ओर से इलाके में कोई विकास कार्य नहीं कराए हैं। इसकी वजह से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार अनमोल गगन मान को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके अलावा उन पर बाहरी उम्मीदवार होने का भी आरोप लग रहा है।
भाजपा को अंतर कलह का डर
भाजपा और पंजाब लोक कांग्रेस के उम्मीदवार कमलदीप सिंह सैनी को भाजपा के कोर वोटरों का फायदा मिलेगा। क्योंकि खरड़ विधानसभा हलके के तीनों कस्बे नयागांव, खरड़ और कुराली में भाजपा और आरएसएस की अच्छी पकड़ मानी जा रही है। वहीं कमलदीप सिंह सैनी को पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन इनके उम्मीदवार घोषित होने से भाजपा के नेताओं मेें अंतर कलह और अंदर खाते विरोध चल रहा है। हालांकि वह भाजपा के चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ रहे हैं।
खरड़ में 2017 में थी यह स्थिति
खरड़ विधानसभा हलके में 2017 में कुल 222081 मतदाता थे। इनमें से 159478 वोटों के साथ 71.81 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें से आम आदमी पार्टी के पक्ष में 54171 वोटों के साथ 34.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। कांग्रेस पार्टी 52159 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रही थी। जिसको कुल मतदान का 32.92 प्रतिशत मत मिला था। तीसरे नंबर पर शिरोमणि अकाली दल एवं भाजपा गठबंधन रहा था। इसको 46807 मतों के साथ 29.55 प्रतिशत वोट मिले थे।
खरड़ हलके में हैं कुल 2.66 लाख मतदाता
2017 के 222081 मतदाताओं से बढ़कर इस बार खरड़ विधानसभा हलके में करीब 2.66 लाख मतदाता हैं। इनमें से 1.34 लाख पुरुष और 1.26 लाख महिला मतदाता हैं। इनमें से करीब 10 हजार ऐसे मतदाता हैं जो कि पहली बार अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा करीब 4000 मतदाता 80 साल से अधिक उम्र के हैं। जोकि करीब 316 बूथों पर मतदान करेंगे। इनमें से 75 बूथ वर्लेबल श्रेणी में रखे गए हैं। जबकि एक बूथ क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है।
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