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अकाली नेता विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या पुलिस के लिए बनी पहेली, नहीं लगा सुराग

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मोहाली। सेक्टर-71 में दिनदिहाड़े हुई अकाली नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या का मामला एक महीने के बाद भी पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। हालांकि पुलिस को इस हत्या में शामिल दो गैंगस्टरों के शामिल होने का पता चला, जिसमें एक गैंगस्टर हरियाणा और दूसरा दिल्ली से संबंधित बताया जा रहा है। इस मामले में पुलिस अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं। हालांकि इन आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं। पुलिस की दो टीमों ने दिल्ली और हरियाणा में दबिश दी है और उम्मीद जता रही है कि जल्द ही आरोपी काबू कर लिए जाएंगे।
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जानकारी के मुताबिक पुलिस ने एक महीने में इस मामले को सुलझाने के लिए करीब 40 लोगों से पूछताछ की है। इनमें से 20 जेलों में बंद चल रहे गैंगस्टर और अपराधी हैं। जबकि सूत्रों की मानें तो पुलिस को दो गैंगस्टरों के बारे में अहम जानकारी हाथ लग गई है। लेकिन जब तक दोनों पकड़े नहीं जाते, पुलिस उनके नामों का खुलासा नहीं कर रही है। वहीं, पुलिस हत्या में इस्तेमाल की गई कार का भी सुराग नहीं लगा पाई है। कार की आखिरी लोकेशन पांटवां साहिब आई थी। हालांकि विक्की के फैमिली सदस्य पहले ही बता चुके हैं कि उसकी किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी।
वहीं विक्की के परिजनों का कहना है कि वह जानना चाहते हैं कि आखिर विक्की की हत्या किसने करवाई है इस बारे में हमें पता लगना चाहिए। बता दें विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या 7 अगस्त को उस समय हुई थी, जब वह सेक्टर-71 में एक प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर से बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने लगे थे। इस दौरान दो लोगों ने उन पर गोलियां बरसाई थी और विक्की जान बचाने के लिए करीब एक किलोमीटर तक जान बचाने के लिए भागे थे, लेकिन पूरी तरह घायल होने पर उन्होंने दम तोड़ दिया था। जबकि आरोपी भागने में कामयाब रहे थे।
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