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जीरकपुर नगर परिषद के खाते में कोरोड़ों का बजट, फिर बड़े-बड़े गड्ढों से भरी शहर की सड़कें

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जीरकपुर। शहर की नगर परिषद के पास करोड़ों रुपये का बजट है। इसके बाद भी शहर की सड़कें बदहाल हैं। स्थानीय लोग सड़कों की समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे चुके हैं। लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ। वहीं जीरकपुर के पभात और वीआईपी रोड की बात करें तो यहां अन गिनत गड्ढे सड़कों पर हैं और इस तरफ परिषद अधिकारी बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों और राजनीतिक पार्टियों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
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पभात गांव को जाने के लिए दो ही मेन रास्ते हैं, एक जीरकपुर से पभात और दूसरा एयरफोर्स हाई ग्राउंड रोड से। इन दोनों रास्तों की सड़कें टूटी पड़ी हैं। हालांकि एयफोर्स हाई ग्राउंड रोड से पभात जाने वाली रोड 6 महीने पहले ही बनी थी, लेकिन जीरकपुर से पभात जाने वाली रोड को एयरफोर्स स्टेशन की ड्रेन डालने के लिए तोड़ा गया था और इस कार्य को पूरा हुए एक साल हो चुका है, लेकिन रोड अभी तक नहीं बनाई गई। पभात के आसपास करीब दो दर्जन सोसाइटियां मौजूद हैं और हजारों की गिनती में रोजाना लोग यहां से निकलते हैं। लोग अक्सर शिकायत रहती है कि सड़कों पर पड़े गड्ढों के कारण उनकी गाड़ियों को भी नुकसान हो जाता है और हादसे होने का खतरा भी रहता है। ऐसे ही वीआईपी रोड की बात करें तो नाम से ही पता चलता है कि यह शहर का पॉश एरिया होगा। इसमें कोई झूठ भी नहीं है। क्योंकि वीआइपी रोड पर छोटी बड़ी मिलाकर 30 से 35 सोसाइटियां हैं और रोजाना हजारों लोग इस सड़क पर सफर करते हैं। लेकिन जब पटियाला रोड से वीआइपी रोड पर जाते हैं तो बड़े-बड़े गड्ढे लोगों का स्वागत करते हैं। जिनका आज तक कोई हल नही हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हमने वीआइपी रोड का नाम सुनकर यहां घर खरीदा था लेकिन हमें क्या पता था कि यह नाम का ही वीआइपी रोड है। वीआइपी रोड निवासी पवन जैन, विनीत बंसल, राजीव चोपड़ा, रवि कांत, सचिन शर्मा, कर्ण बेदी, नवदीप ने बताया कि हम काफी समय से यहां रह रहे हैं लेकिन यह समस्या ऐसे ही बनी हुई है। कई बार नगर काउंसिल जीरकपुर के अधिकारियों की लिखत में बोला है यहां के पार्षद को भी बोला है लेकिन कोई सुनवाई नही है। अधिकारियों को खुद नही पता कि कब तक होगा काम इस सबंध में नगर काउंसिल के जेई ईशान से बात की तो उन्होंने कहा कि मुझे तो एक सप्ताह ही हुआ है यह चार्ज लिए हुए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पभात रोड का काम किसी टैक्निकल समस्या के कारण रुका हुआ है। जब उनसे रोड के बजट के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं अभी नहीं बता सकता, मेरी मीटिंग है। उनको यह भी नहीं पता कि इन सड़कों काम कब तक किया जाएगा।
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अधिकारियों को नहीं पड़ता फर्क
कई साल से सड़क टूटी पड़ी है। हमने कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को बोला है, लेकिन उनको कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम किस समस्या से पीड़ित हैं। - विशाल कटोच, पभात निवासी।
पभात जाने के दो ही रास्ते
हमारे गांव पभात को जाने के लिए केवल दो ही रास्ते हैं वह भी टूटे पड़े हुए हैं। जीरकपुर से आने वाली सड़क पर ड्रेन डाल भी दिया फिर भी सड़क नहीं बनाई जा रही। बरसात के दिनों में तो वहां से निकलना मुश्किल हो रहा है। यही हमारी बदकिस्मती है कि हम इस क्षेत्र में रहते हैं। - हरजिंदर सिंह, पभात निवासी।
वीआईपी रोड पर गड्ढे ही गड्ढे
शहर में हाईवे किनारे बने इलाके को जाती नाम की ही वीआईपी रोड है। रोजाना घर से निकलते और घर वापिस आते समय इस रोड पर गड्ढों का सामना करना पड़ता है। हमारी समस्या न तो काउंसिल अधिकारी सुनते हैं और न ही नेता। हम तो बेहद परेशान हैं, पता नहीं कब यह समस्या ठीक होगी।
- जसप्रीत, निवासी सावित्री ग्रीन वीआइपी रोड।
जितना मर्जी बोलो सुनवाई नहीं होती
आप लोग जितनी बार मर्जी बोल लो आपकी कोई सुनवाई नहीं होगी। क्योंकि अधिकारी या नेता लोग यहां तो रहते नहीं हैं और जनता के साथ जो मर्जी होता रहे, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारी तो यही मांग है कि अगर सड़क नहीं बना सकते तो कम से कम गड्ढे तो भर ही दो।
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- विक्की, वीआईपी रोड निवासी।
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