ईडी ने यह भी तर्क दिया कि ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनसे पूछताछ करनी है। इसका भी खैरा के वकीलों ने विरोध किया। उनका कहना था उक्त केस खत्म हो चुका है। ऐसे में आरोप सही नहीं है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। उन्होंने गिरफ्तारी को भी गलत बताया। हालांकि ईडी के वकील अपनी बात पर अड़े थे। उनका कहना था कि खैरा को दिल्ली ले जाकर पूछताछ करनी है। क्योंकि केस से जुड़े सारे रिकॉर्ड वहीं है। आगे सरकारी छुट्टियां हैं। ऐसे में समय कम है। ईडी ने 14 दिन रिमांड की मांग की थी। बाद में अदालत ने सात दिन का रिमांड सौंपा।
पिता-पुत्र ने बर्गर खाकर मिटाई भूख
ईडी की टीम सुखपाल सिंह खैरा को शुक्रवार सुबह ही अदालत में लेकर पहुंच गई थी। इस दौरान वह सफेद रंग का कुर्ता पजामा व जैकेट पहने हुए थे। दोपहर में खाने की जगह उन्होंने बेटे के साथ बर्गर खाकर अपनी भूख मिटाई।
पंजाब सरकार के मंत्री का रोल है अहम
खुखपाल सिंह खैरा व उनके बेटे ने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी के पीछे पंजाब सरकार का एक मंत्री है। उनके मुताबिक जब वे नेता प्रतिपक्ष थे तो उनकी वजह से उस मंत्री को अपना पद खोना पड़ा था। अब वही ये सब कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें केस का कोई डर नहीं हे। उनके पास केस से जुड़ा हर दस्तावेज मौजूद है।