फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दप्पर रेलवे स्टेशन पर रोकनी पड़ी सद्भावना एक्सप्रेस, सवारियां हुई परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
लालड़ू। संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर लखीमपुर खीरी प्रकरण और कृृषि के नए तीन कानूनों के विरोध में दप्पर टोल प्लाजा के पास रेल रोको आंदोलन के तहत रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों ने अंबाला-कालका रेल मार्ग पर जाम लगाकर 6 घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान स्पेशल ट्रेन सद्भावना एक्सप्रेस को दप्पर रेलवे स्टेशन पर ही रोकना पड़ा। जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी बीमार और बुजुर्ग लोगों को हुई, जिन्हें अन्य वाहन से जाना पड़ा।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान सुबह 10 से शाम 4 बजे तक दप्पर टोल प्लाजा के पास रेलवे ट्रैक पर डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही स्पेशल सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन को दप्पर स्टेशन पर ही रोकना पड़ा। इस मौके पर रेल के टीटी संतोष कुमार ने बताया कि लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही ट्रेन में करीब 1600 यात्री सवार थे। जैसे ही ट्रेन सवा 10 बजे दप्पर रेलवे स्टेशन के पास पहुंची तो स्टेशन से कुछ दूर आगे रेलवे लाइन पर बैठे किसानों के आंदोलन के कारण ट्रेन को दप्पर स्टेशन पर ही रोक दिया गया। इस दौरान बीमार, बुर्जुग लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। यात्री अपने सामान सहित दप्पर बस अड्डे से विभिन्न वाहनों द्वारा अपने गंतव्य जगहों पर जाने को मजबूर हो।
इस मौके पर साजिद हुसैन निवासी नजीबाबाद ने बताया कि वह अपनी 87 वर्षीय बुजुर्ग बीमार मां को साकेत अस्पताल ले जा रहे थे। उनकी हालत बहुत ही नाजुक बनी हुई थी। इसी तरह 82 वर्षीय बीमार बुजुर्ग श्यामा निवासी लखनऊ से आए थे। उन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता था। साजिद ने बताया कि वह मां के इलाज के लिए चंडीगढ़ जा रहे थे। इनके अलावा करीब 10-12 बीमार बेबस लोग भी यहां पर परेशान हो रहे थे। हालांकि कुछ यात्री पैसों की कमी के कारण यही गाड़ी में ही रुक कर 4 बजे तक गाड़ी के चलने के इंतजार में बैठे परेशान दिखाई दिए।
विज्ञापन

इन किसान नेताओं ने की नारेबाजी
इस मौके पर लखोवाल के कार्यकारिणी सदस्य मनप्रीत सिंह अमलाला, ब्लॉक प्रधान कर्म सिंह बरोली, ब्लॉक प्रधान कर्म सिंह कारकौर और एसजीपीसी सदस्य निरमैल जौला कलां सहित किसानों ने बताया कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि के नए तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द नहीं किया जाता और लखीमपुर खीरी में मृतक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इसी तरह भाकियू एकता सिद्धूपुर के ब्लॉक प्रधान जसवंत सिंह के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन लालड़ू पर किसानों ने रेलवे मार्ग पर बैठ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर कुलदीप सिंह सरसिनी, शेर सिंह, मोहन सिंह, परम सिंह दप्पर, लाभ सिंह अमलाला, नानू सिंह, बलजीत सिंह, गुरबाज सिंह, रणजीत सिंह, सुरिंदर सिंह धर्मगढ़, नरिंदर सिंह, कमलजीत सिंह सहित काफी संख्या में किसान मोर्चे पर डटे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें