जीरकपुर। शहर की 23 कॉलोनियों में रजिस्ट्रियों पर गमाडा ने रोक लगा दी है। गमाडा के आदेश पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय नायब तहसीलदार ने नगर परिषद के अधिकारियों से जमीनों का पूरा ब्यौरा मांग लिया है। नायब तहसीलदार पुनीत बंसल ने बताया कि 23 कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए नगर परिषद के ईओ की ओर से एक पत्र जारी किया गया था। इसमें कॉलोनियों के नाम तो शामिल थे, लेकिन पत्र में जमीन का खसरा नंबर नहीं लिखा गया था, इसके बाद नगर परिषद के ईओ को पत्र लिखकर जमीनों का खसरा नंबर मांगा गया है, खसरा नंबर मिलते ही कॉलोनियों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी जाएगी।
इनकी रजिस्ट्री पर लगाया प्रतिबंध
गमाडा ने पीरमुछल्ला में मेट्रो टाउन, सिंघपुरा में रायल सिटी, किशनपुरा में एलआर होम्स, गाजीपुर में क्रिस्टल होम्स, पभात में विक्टोरिया सिटी और खुशहाल एनक्लेव, गाजीपुर में मांउट कैलाश कॉलोनी, पभात में कैपिटल शॉपिंग कांप्लेक्स, स्वास्तिक विहार, बलटाना में रविंद्रा एनक्लेव, किशनपुरा ढकोली में राधे एनक्लेव और शुभ डेवलपर, गाजीपुर में मांउट कैलाश कॉलोनी, कृष्णा एनक्लेव, पीरमुछल्ला की फ्रेंड्स कॉलोनी, श्री श्याम रेजिडेंट्स, गाजीपुर की भांबरी एनक्लेव, पभात के जरनैल एनक्लेव, बरकत होम्स, पभात की शंकर सिटी और हाईवे होम्स में रजिस्ट्रियां बैन की गई हैं।
कई बिल्डरों के पास लाइसेंस तक नहीं
गमाडा की इस कार्रवाई के बिल्डरों ने बैक डोर से बचाव की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अपनी पोल खुलने के डर से कई बिल्डर चंडीगढ़ और मोहाली के चक्कर काटने लगे हैं। यहां ऐसे भी डेवलपर हैं, जिनके पास लाइसेंस तक नहीं है। जिन कॉलोनियों में रजिस्ट्रियों पर रोक लगाई गई है। उनमें से अधिकतर ऐसी हैं जिनमें लोग बसे हुए हैं। ऐसे में हजारों परिवार अब इन घरों के आगे किसी को नहीं बेच सकते हैं।
जांच में पक्षपात नहीं होना चाहिए- जैक आरडब्ल्यूए के प्रधान
इस जालसाजी से बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाली जैक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि इस जांच में पक्षपात नहीं होना चाहिए। एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने इन आदेशों को जैक द्वारा पिछले तीन साल से किए जा रहे संघर्ष की जीत करार देते हुए कहा है कि जीरकपुर, पीरमुछल्ला, गाजीपुर, नगला आदि इलाकों में 100 से अधिक अवैध कॉलोनियां बनी हुई हैं। यह कॉलोनियां नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अधिकारी संदीप तिवारी के समय में हुए भ्रष्टाचार के चलते गलत दस्तावेजों के आधार पर पास हुई हैं। सुखदेव चौधरी ने पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा की जा रही जांच में सहयोग करने का आश्वासन देते हुए कहा कि बहुत जल्द जैक प्रतिनिधियों द्वारा एसपी देहात मोहाली रवजोत कौर ग्रेवाल से मुलाकात करके उन्हें भी जीरकपुर की अवैध कॉलोनियों के बारे में दस्तावेज सौंपे जाएंगे।