खरड़। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी शुक्रवार को अपने गृह शहर खरड़ में कई प्रोजेक्टों का शुभारंभ करने पहुंचे थे। इस दौरान संघर्षरत एड्स कंट्रोल इम्प्लॉइज सोसाइटी ने काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया। इस दौरान मुलाजिम जब सीएम चन्नी की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकरने के लिए उन पर लाठियां भांजी और इसमें कई मुलाजिम गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मौके पर उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पंजाब राज्य एड्स कंट्रोल इम्प्लॉइज एसोसिएशन के प्रधान महिंदरपाल सिंह ने कहा कि ये वो कर्मचारी हैं जिन्होंने कोरोना के बुरे हालातों में सरकार का साथ दिया था और लोगों को कोरोना से बचाने में मदद की। लेकिन आज स्थिति यह है कि सरकार इन कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा नहीं कर रही है और लाठीचार्ज किया जा रहा है, जिसमें हमारे कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह सरकार के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि वे पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे हैं और सरकार कुछ नहीं कर रही और सिर्फ झूठे आश्वासन दे रही है कि उन्हें स्थायी कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई पत्र जारी नहीं किया है। हमें उम्मीद थी कि चन्नी सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी और हमें स्थायी करेगी। हालांकि, सच्चाई यह है कि केवल झूठे ढोंग किए जा रहे हैं और मुलाजिमों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष महिंदरपाल सिंह और उपाध्यक्ष जसमेल सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को अपना संघर्ष तेज करने के लिए मजबूर कर रही है। वे चाहते हैं कि सरकार हमें परेशान करना बंद करे और अस्पतालों में आने वाले मरीजों की देखभाल करे। एचआईवी टेस्ट बंद हैं, एचआईवी मरीज बिना दवाई गुजारा कर रहे हैं और नशा छुड़वाने के लिए खोले गए ओएसटी सेंटर भी बंद पड़े हैं। अगर किसी मरीज को कोई बड़ी परेशानी होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अध्यक्ष महिंदरपाल सिंह और उपाध्यक्ष जसमील सिंह ने कहा कि सरकार 10 साल की सेवा पूरी कर चुके 36 हजार कर्मचारियों को नियमित करने का दावा कर रही है, लेकिन 22 साल से काम कर रहे कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जबकि सरकार स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का दावा कर रही है। ये वही कर्मचारी हैं जो लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे और उनकी सिर्फ एक मांग को पूरा नहीं किया जा रहा।