पुलिस को नहीं किया सहयोग, अदालत ने 80 वर्षीय महिला को एक दिन का दिया रिमांड
जनवरी, 2023 में धोखाधड़ी के एक मामले में नामजद थी बुजुर्ग महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
नयागांव। पुलिस ने धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में 80 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसने पुलिस को सहयोग नहीं किया था। यह दलील देकर पुलिस ने अदालत से महिला का एक दिन का रिमांड हासिल किया है। आरोपी महिला की पहचान चरणजीत कौर निवासी नयागांव के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक नयागांव पुलिस ने जनवरी 2023 में धोखाधड़ी का एक केस दर्ज किया था। इसमें उपरोक्त महिला नामजद थी। पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर पूछताछ के दौरान हस्ताक्षर और अंगूठा लगाने के लिए कहा तो उसने साफ मना कर दिया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस को सहयोग करना होता है। पुलिस जिस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाना चाहे, उस पर आरोपी को हस्ताक्षर या अंगूठा लगाना होता है। लेकिन महिला ने ऐसा नहीं किया। इस दलील को पुलिस ने अदालत में रखा और अदालत ने कहा कि पुलिस को सहयोग न करना गलत है। 80 साल की महिला को अदालत पुलिस हिरासत में भेजना उचित नहीं समझती है। लेकिन पुलिस को सहयोग न करना उससे भी बड़ा गुनाह है, इसलिए अदालत महिला का एक दिन रिमांड देती है।
यह था मामला
14 जनवरी, 2023 को शिकायतकर्ता वरिंदर कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उक्त महिला ने अपने बेटे, बहू और बेटी के साथ मिलकर उसे अपना घर बेचने का 33 लाख में सौदा किया था। इसके बयाने में उन्होंने आठ लाख रुपये दिए थे लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि उनके पास न तो रजिस्ट्री है और न ही फर्द। वहीं उनके पास जो पावर ऑफ अटार्नी है, वह उनके पति के नाम थी। लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। वह जिसने पावर ऑफ अटार्नी की थी, उसकी भी मौत हो चुकी है। यह बात उन्होंने छिपाकर उनसे धोखाधड़ी की।