मोहाली। जिला प्रशासन अब न्यू चंडीगढ़ में एक मिनी जंगल स्थापित करेगा। इससे जहां प्रदूषण से राहत मिलेगी। वहीं, लोग प्रकृति से भी जुड़े रहेंगे। इतना ही नहीं गायब हो रहे पक्षियों की प्रजातियां भी वापस आने लगेंगी। यह प्रोजेक्ट एक समाजसेवी संस्था राउंड ग्लास फाउंडेशन के सहयोग से चलेगा। शुक्रवार को पृथ्वी दिवस के मौके जंगल स्थापित करने के लिए पौधरोपण अभियान की शुरूआत डीसी अमित तलवार ने की। इस दौरान करीब दो हजार पौधे लगाए गए। साथ ही दावा किया गया यह ट्राइसिटी का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा। समारोह में काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।
डीसी ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है। इससे ईको सिस्टम के असंतुलन को दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि संस्था के सहयोग से मोहाली में इस तरह के सौ मिनी जंगल भविष्य में स्थापित किए जाएंगे। संस्था के अधिकारी विशाल चौला ने अपनी संस्था के काम के काम के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पंजाब के सात सौ से ज्यादा गांवों में लगभग पांच सौ मिनी जंगल में छह लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। इस तरह के छोटे छोटे वन हवा की गुणवत्ता को बढ़ाने में मददगार होते हैं।
मिट्टी के कटाव को रोकने के साथ ही भूजल को रिचार्ज करने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इतना ही नहीं जलवायु सुधार में सहायता कर रहे हैं। ये हरे भरे वन पक्षियों और जानवरों के लिए आवास भी बनते हैं। वनों की कटाई के कारण पंजाब से पलायन करने वाले छोटे गौरेया, तोते, उल्लू और बाया वीबर्स जैसी पक्षी, मधुमक्खियों और तितलियों के साथ इन मिनी जंगल में वापस आ रही हैं।