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पीजी का अनपढ़ केयर टेकर नकली नोट छापकर जी रहा था ऐश की जिंदगी

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मोहाली। बलौंगी पुलिस ने नकली नोट छापकर ऐश करने वाले यूपी के मुरादाबाद निवासी फिरोज उर्फ नवाब को गिरफ्तार किया है। वह दो महीने से नकली नोटों का धंधा कर रहा था। उससे 69 हजार 500 रुपये के नकली नोटों के अलावा प्रिंटर व अन्य सामान बरामद हुआ है। शातिर यहां एक पीजी का केयर टेकर था। उसका दोस्त विजेंद्र निवासी हिसार फरार है।
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बलौंगी थाने की पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में एक व्यक्ति नोट नकली नोट चलाता है। पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए बारीकी से नजर रखे हुए थी। कुछ ऐसे लोग पुलिस को मिले, जिनके पास आरोपी ने नकली नोट चलाए थे। पुलिस ने येलो नाम के पीजी में जाकर दबिश दी तो अलमारी से नकली नोट, प्रिंटर, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद हुआ। पहले तो वह पुलिस को बरगलाता रहा, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की तो पूरा राज खोल दिया। बलौंगी थाने के एसएचओ राजपाल सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। संदेह है कि यह बड़ा गिरोह हो सकता है। पुलिस के मुताबिक आरोपी गांजा, सुल्फा, शराब आदि का शौकीन है। वह नकली नोटों से ही अपने लिए नशा खरीदता था। वह काफी ऐश की जिंदगी जी रहा था और पिछले दो महीने से नकली नोट बनाने के काम में जुटा हुआ था। पुलिस उन स्थानों पर भी दबिश देने की तैयारी में है, जहां से वह नकली नोट बनाने का सामान हासिल करता था।
सौ से लेकर दो हजार तक के नोट छापता था शातिर
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की ओर से छापे गए नकली नोट हुबहू असली दिखते हैं। इनमें सौ, दो सौ, पांच सौ, दो हजार रुपये का नोट शामिल है। आरोपी नोट के बीच में बाकायदा असली नोट की तरह ही आरबीआई वाली तार का इस्तेमाल करता था। वह छोटे दुकानदारों के पास या ज्यादा भीड़भाड़ वाली दुकानों पर ही नोट चलाता था।
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दोस्त से सीखा था नकली नोट का धंधा
आरोपी ने बताया कि उसे नकली नोट बनाने का तरीका उसके दोस्त विजेंद्र ने सिखाया था। विजेंद्र उसके ही पीजी में किराए पर रहता था। वह किराया नहीं दे पा रहा था। उसे यह डर था कि मकान मालिक को अगर नकली नोट देगा तो फंस जाएगा। ऐसे में वह फरार हो गया। इसके बाद फिरोज ने नकली नोट छापने शुरू कर दिए।
नोटबंदी के दौरान भी पकड़े गए थे नकली नोट
2016 में जब नोटबंदी हुई थी, तब भी मोहाली में सबसे पहले 42 लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ एक युवक-युवती को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पकड़े जाने के बाद कई अहम खुलासे हुए थे। इस संबंधी सोहाना थाने में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद पीजी में रहने वाले दो कश्मीरी युवकों को पुलिस ने दबोचा था, यह लोग भी नकली नोट छापते थे।
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