फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोहाली के ईएसआई अस्पताल प्रबंधन पर मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शहर में स्थित ईएसआई अस्पताल पर फैक्टरियों के अंदर काम करने वाले लोगों को इलाज देने के नाम पर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। इसको लेकर इंडस्ट्री एसोसिएशन ने सख्त ऐतराज जताया है और इसकी शिकायत सोशल मीडिया के माध्यम से सेहत विभाग को करते हुए अस्पताल प्रबंधन की कारगुजारी में सुधार करने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि मरीज को प्राथमिक इलाज दिया जा चुका था। लेकिन हड्डी टूटने की एक्सरे रिपोर्ट के बाद ही आगे का इलाज किया जाता है। इतनी देर में मरीज के साथ आए लोगों ने हंगामा कर दिया।
विज्ञापन

एसोसिएशन के चेयरमैन जसवीर सिंह ने बताया कि लाल बाबू क्रेन चलाने का काम करता है और बुधवार को लाल बाबू एक हादसे का शिकार होकर गंभीर घायल हो गया था और उसका एक हाथ पूरी तरह से टूट गया। उसको घायलावस्था में इलाज के लिए ईएसआई अस्पताल में दाखिल करवाया और अस्पताल में मौजूद डाक्टरों ने इलाज करने के बजाए लाल बाबू को अन्य अस्पताल में रैफर कर दिया।
डाक्टरों की बात सुनकर लाल बाबू के साथ आए मजदूरों ने विरोध किया और आरोप लगाया कि मजदूरों के वेतन से हर महीने करोड़ों रुपये वसूले जाते हैं। लेकिन उन्हें अन्य अस्पतालों में रैफर कर दिया जाता है। इस मामले की शिकायत सेहत विभाग के उच्च अधिकारियों से करते हुए इसमें सुधार की अपील की है।
विज्ञापन

डॉक्टरों ने दिया था प्राथमिक उपचार
इस मामले का मुझे व्हाट्सअप पर मैसेज से पता चला और संबंधित डाक्टर से बात की और पता चला कि अस्पताल आते ही मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। मरीज के हाथ की हड्डी के दो टुकड़े हो गए थे, जिसकी एक्सरे रिपोर्ट में थोड़ा समय लग गया। आमतौर पर हड्डियों के विशेषज्ञ डाक्टर एक्सरे की रिपोर्ट पढ़ने के बाद आगे इलाज करते हैं। जिसमें हुई देरी को लेकर मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। जो बिल्कुल गलत है। मजदूरों के इस रवैये से अस्पताल प्रबंधन को धक्का पहुंचा है और हमारी ओर से मरीज के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती।
विज्ञापन

- मनजीत कौर, एसएमओ, ईएसआई अस्पताल मोहाली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें