मोहाली। कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे व्यापारी और दुकानदार त्योहारों के मौसम में अच्छे से अपना कारोबार कर पाएं, इसके लिए व्यापार मंडल मोहाली एक बार फिर आगे आया है। व्यापार मंडल ने नगर निगम से अपील की है त्योहारों में दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर मुफ्त में स्टाल लगाने की अनुमति दी जाए। साथ ही मार्केट की पार्किंग में बाहरी लोगों को मुफ्त में स्टॉल लगाने की इजाजत दी जाए। इससे व्यापारियों को नुकसान होता है। व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा ने कहा कि नगर निगम को मार्केट के सभी हालातों का पता है। इसके साथ ही यह फीस बहुत ज्यादा नहीं है। नगर निगम अगर दुकानदारों का साथ दे तो लोगों के आर्थिक हालात में कुछ सुधार हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर में करीब तीन हजार से अधिक छोटी बड़ी दुुकानें हैं। इन पर दुकानदार या व्यापारियों के अलावा करीब 18 हजार लोगों को रोजगार मिलता है, लेकिन दो साल पहले आई कोरोना महामारी ने सबको आफत में डालकर रखा है। व्यापारी और दुकानदार काफी आहत हैं। हालत यह है कि कारोबार न चलने के कारण शहर के 100 से ज्यादा नामी शोरूम तक बंद हो चुके हैं। लेकिन अब महामारी कमजोर पड़ रही है। ऐसे में व्यापारियों को उम्मीद है कि अब कारोबार पुरानी राह पर आएगा। इसके साथ ही अब त्योहारों का सीजन आने वाला है। अगर यह सीजन अच्छा निकल जाता है तो उनके दिन पूरी तरह से बदल जाएंगे।
व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा के मुताबिक सरकार की आर्थिक स्थिति ठीक है। विज्ञापन कंपनियों समेत अन्य लोगों को फीसों में राहत दे सकती है तो व्यापारियों और दुकानदारों की भी नगर निगम को मदद देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी, दुकानदार, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में सभी तरह के करों का भुगतान करते हैं। ऐसे में मुश्किल की घड़ी में सरकार को उनका सहारा बनने की कोशिश करनी चाहिए।
व्यापार मंडल ने निगम को कई बार लिखा पत्र
मोहाली व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा ने कहा कि उनकी ओर से नगर निगम और पंजाब सरकार को लगातार पत्र लिखे गए हैं कि प्रॉपर्टी टैक्स में व्यापारियों और दुकानदारों को राहत दी जाए। क्योंकि कोरोना से उनका काफी नुकसान हुआ है। गाड़ी पटरी पर आने में समय लग सकता है। वहीं, उनका कहना है कि व्यापारी तो हर समय टैक्स भरते आए हैं। ऐसे में इस समय व्यापारियों को संभालने के लिए काम किया जाए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।