जीरकपुर। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू वीरवार को बलटाना के एकता विहार पहुंचे। वह डायरिया की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने डायरिया का ठीकरा पंचकूला पर फोड़ दिया। न तो वह पीड़ित परिवारों से मिले, न उनका हाल जाना। पीड़ितों की मदद के सवाल पर भी कन्नी काट गए। स्वास्थ्य मंत्री के इस रवैये से स्थानीय लोगों में काफी रोष दिखा।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू दोपहर 12.30 बजे एकता विहार पहुंचे। उन्होंने पाइपलाइन का जायजा लिया। लीकेज की स्थिति देखी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंचकूला के सीवरेज के पानी के कारण डायरिया फैला। वहां का दूषित पानी हमारी पाइपलाइन में मिल गया, जिससे लोग बीमार हुए। उन्होंने यह भी कहा कि अकाली सरकार के कार्यकाल में सीवरेज और पानी की लाइन एक साथ डालकर बड़ी गलती की गई है। अब यदि इसे सुधरवाना भी चाहें तो पूरा शहर खोदना पड़ जाएगा। उनकी गलती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि किसी विशेषज्ञ से सलाह लेकर इसका कोई हल जरूर निकाला जाएगा।
शिअद विधायक बोले- खानापूर्ति करने आए थे सिद्धू
शिअद के हलका विधायक एनके शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री के दौरे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री जीरकपुर में पीड़ित परिवार का हाल जानने नहीं, बल्कि कब्जा करने के लिए जीरकपुर में शामलात जमीन देखने आए थे। सेहत मंत्री जिले का ही रहने वाला हो और अपने हलके के पीड़ित परिवार की मदद के लिए मुख्यमंत्री से अनुमति मांग रहा हो, इससे बुरी बात और क्या हो सकती है। मंत्री को अपने खाते से पीड़ित परिवार की मदद करनी चाहिए। वह पीड़ित परिवार का हाल पूछने तक नहीं गए। अस्पताल में भी मरीजों को नहीं देखा।