मोहाली। सिंगापुर व दुबई की तर्ज पर मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और रूपनगर को बसाने के लिए सरकार ने 16 साल पहले ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) का बनाया था। तब से लेकर गमाडा ने इलाके के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जंगलों या खेतों में जहां कोई सोच भी नहीं सकता था, वहां नए रिहायशी प्रोजेक्ट और सड़कों का जाल बिछा दिया। साथ लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैैैं। काफी संख्या में एनआरआई लोग इलाके में निवेश कर रहे हैं। जानकारों की माने तो गमाडा बनने के बाद से इलाके में विकास का पहिया घूमा है। किसानों से लेकर आम लोगों की जिंदगी तक बदल गई है।
2006 में मोहाली को जिले का दर्जा मिला था। इसके बाद मोहाली के विकास के लिए पुडा की एक अलग इकाई गमाडा गठित की गई थी। इसके तहत मोहाली, बनूड़, जीरकपुर के क्षेत्रों का विकास और पुनर्विकास किया जा रहा है। डेराबस्सी, खरड़, मुल्लांपुर, फतेहगढ़ साहिब, मंडी गोबिंदगढ़ और रूपनगर इसके अधिकार क्षेत्र में हैं। वहीं, गमाडा के कार्य क्षेत्र में भवन निर्माण, इंजीनियरिंग, खनन और पानी की आपूर्ति, सीवरेज के निपटान, प्रदूषण नियंत्रण और समेत कई सेवाएं शामिल हैं। इतना ही नहीं गमाडा द्वारा अपनी सारी सेवाएं ऑनलाइन मुहैया करवाने की कोशिश की जाती है। व्हाटसएप व ईमेल पर लोगों की शिकायतों को सुना जाता है।
चंडीगढ़ के आगे के सेक्टरों के नंबर मोहाली में
मोहाली शहर के सेक्टरों के नंबर बिल्कुल ही चंडीगढ़ की तर्ज पर दिए गए हैं। जहां पर चंडीगढ़ के नंबर खत्म होते हैं, उससे आगे मोहाली के नंबर शुरू होते हैं। सेक्टर-57 से लेकर 126 सेक्टर तक मोहाली का विकास हो चुका है। आलीशान रोड से लेकर अन्य सारी सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाई जा रही है। यह विभाग खुद राज्य के मुख्यमंत्री के पास होने के चलते इलाके का विकास बढ़िया तरीके से हो रहा है।
एयरोसिटी से मेडिसिटी तक का दिया तोहफा
गमाडा ने मोहाली में सिंगापुर की तर्ज पर एयरोसिटी, आईटी व मुल्लांपुर में ईको सिटी और मेडिसिटी तक बसा दी है। जहां से लोगों को बेहतर सेहत सुविधाएं और रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। गमाडा द्वारा इन इलाकों की प्लानिंग बड़े शहरों को ध्यान में रखकर की जा रही है। साथ ही अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। मेडिसिटी से उत्तरी भारत के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
किसानों की रातोंरात बदल गई किस्मत
मोहाली के साथ लगते गांवों में रहने वाले किसानों की भी गमाडा के बसने के बाद रातो-रात किस्मत बदल गई है। इस इलाके में घूमे विकास के पहिए के चलते जमीन के रेट करोड़ों में पहुंच गए। गमाडा ने एयरोसिटी प्रोजेक्ट के लिए किसानों को प्रति एकड़ डेढ़ करोड़ रुपये दिए जबकि अब गमाडा साढ़े तीन करोड़ रुपये तक अदायगी कर रहा है। इससे इलाके के किसानों की किस्मत बदल गई है।
रोड नेटवर्क का जाल बिछा चंडीगढ का जाम किया कम
गमाडा ने करीब 12 सालों में रोड नेटवर्क का जाल बिछा दिया है। इससे इलाके के लोगों का सफर आसान हुआ है। अगर मोहाली के किसी भी हिस्से में जाम की नौबत बन जाती है, तो भी ट्रैफिक सुचारू तरीके से निकल जाता है। शहर के अंदर ही 11 सड़कें गुजरती हैं। इसके अलावा जीरकपुर से न्यू सन्नी एनक्लेव व न्यू चंडीगढ़ से सिसवां तक नया रोड बनाया है। इससे चंडीगढ़ की सड़कों पर वाहनों का दवाब कम हुआ है। वहीं अब चंडीगढ़ जाए बिना लोग सीधे मोहाली से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते है।
सांसद के प्रयास से रियल एस्टेट माफिया पर कसा शिकंजा
इलाके के विकास के साथ ही रियल एस्टेट माफिया भी सक्रिय हो गया है। इस पर शिकंजा कसने के लिए सांसद मनीष तिवारी ने अहम भूमिका निभाई। वह इस मामले को पंजाब सरकार के ध्यान में लाए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले के लिए स्पेशल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी गठित की जो लोगों की शिकायतों का निपटारा करती है। सांसद का कहना है कि किसी के साथ भी धक्का नहीं होने दिया जाएगा। दूसरी तरफ डीसी अमित तलवार ने भी इस मामले में गमाडा अधिकारियों से बैठक करके अधिकारियों को आदेश दिए है कि लोगों की समस्याओं को पहल के आधार पर हल किया जाए। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए।